अकाली दल की मांग, सरकार रणजीत और गिल आयोग को करे भंग

चंडीगढ़। पंजाब की कैप्टन सरकार को आम आदमी पार्टी और शिरोमणि अकाली दल हर मोर्चे पर फेल साबित करने के लिए घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं। इसी कड़ी में शिरोमणि अकाली दल के नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने कैप्टन सरकार पर निशाना साधते हुए पंजाब सरकार में रणजीत सिंह आयोग और मेहताब सिंह गिल आयोग को भंग करने की मांग की है। मजीठिया ने कहा कि कांग्रेस नेता और सिंचाई व उर्जा मंत्री राणा गुरजीत सिंह का इस्तीफा इस बात का सूचक है कि दोनों ही आयोग कांग्रेस को आरोपों से मुक्त कराने और अकालियों को फसाने के लिए बनाए गए हैं।

अकाली नेता ने कहा कि राज्य के मंत्री और राणा गुरजीत सिंह पर रेत खनन के खड्ढे लेने को लेकर लगे आरोपों के बाद इसे दबाने की कोशिश सरकार ने शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने राणा गुरजीत सिंह की सहभागिता की जांच के लिए सेवानिवृत न्यायाधीश जेएस नारंग आयोग बनाया था। अकाली नेता ने इसी रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि सरकार ने इसी रिपोर्ट के तहत राणा को पहले क्लीन चिट दे दी थी।

अकाली नेता ब्रिकम सिंह मजीठिया ने आगे कहा कि इससे ये स्पष्ट हो गया है कि राणा गुरजीत सिंह दोषी है। इस कारण कांग्रेस ने उनसे इस्तीफा ले लिया है। नारंग कमेटी को देखते हुए ये भी साफ हो गया है कि रणजीत सिंह आयोग और मेहताब सिंह गिल आयोग की स्थिति भी कमोवेश इसी प्रकार की है। इसको लेकर उन्होंने इस कमीशन को भंग कर सुप्रीम कोर्ट के जज से जांच करवाने की मांग की।