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राज्यसभा के बाद लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

sumitra mahajan राज्यसभा के बाद लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

नई दिल्ली। लोकसभा में दिव्यांग बिल पारित होने के बाद सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा कि सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित होने के कारण पूरे शीतकालीन सत्र के दौरान सदन में मात्र 19 घंटे ही कामकाज हुआ। वर्तमान सत्र के दौरान पारित होने वाला यह दूसरा विधेयक था और केवल इसी विधेयक पर सरकार व विपक्ष ने थोड़ी-बहुत चर्चा की। सदन में हंगामे के बीच अनुपूरक अनुदान मांगों पर भी चर्चा हुई।

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सुमित्रा महाजान ने कहा, वर्तमान सत्र की कुल 21 बैठकों में मात्र 19 घंटे ही काम हुआ। बड़ी बात तो यह है कि यह 21 घंटा भी नहीं हो सका। हंगामे के कारण 91 घंटे 39 मिनट का समय बर्बाद हो गया।यह हमारे लिए ठीक नहीं है। इससे लोगों के बीच हमारी छवि खराब होती है। मुझे उम्मीद है कि आगामी सत्रों में हंगामा नहीं होगा और हम सदन की कार्यवाही सुचारुपूर्वक चला पाएंगे।

राज्यसभा की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित :-

संसद के ऊपरी सदन राज्यसभा का शीतकालीन सत्र भी हंगामे के बाद आज अनिश्चित काल के लिए स्थगित हो गई। सभापति हामिद अंसारी ने भावुक संबोधन के साथ सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी। उन्होंने पूरे शीतकालीन सत्र की कार्यवाही बार-बार स्थगित होने पर नाराजगी भी जताई। अंसारी ने सांसदों को संबोधित करते हुए कहा, संसद का सत्र 16 नवंबर को शुरू हुआ 241वां सत्र आज समाप्त हो गया। मुझे उम्मीद थी कि मुझे जो दिसंबर 2013 में 221वें सत्र के समापन पर कहना पड़ा, वह नहीं दोहराना पड़ेगा। लेकिन मेरी उम्मीद टूट गई। नियमित और लगातार अवरोध इस सत्र की पहचान रही। संसद के व्यवस्थित संचालन के लिए मर्यादापूर्ण विरोध जरूरी था, लेकिन उसका पालन नहीं किया गया।

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इसके साथ ही हामिद अंसारी ने इस हंगामे के लिए सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों को जिम्मेदार ठहराया। 16 नवंबर और 24 नवंबर को नोटंबदी पर उपयुक्त चर्चा हुई, लेकिन यह सब बेनतीजा रही।

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