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आखिर क्यों दिल्ली पुलिस को खानी पड़ती है अदालतों की डांट, जाने अब किस मामले में पड़ी फटकार

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दिल्ली दंगों से जुड़े एक और मामले में दिल्ली की अदालत में सुनवाई हुई। जिसमें कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को कड़ी फटकार लगाई। दिल्ली मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट अरुण कुमार गर्ग कहना है कि दिल्ली दंगों को लेकर जिस तरह दिल्ली पुलिस की जांच और रैवेया गोलमोल घुम रहा है उससे दिल्ली दंगों के मामलों की सुनवाई में देरी हो रही है। उन्होंने कहा कि अभियोजन से लेकर एक जांच एंजेंसी ढुलमुल रवैये को डीसीपी के साथ-साथ उत्तरी रेंज के ज्वॉइंट सीपी और दिल्ली के पुलिस कमिश्नर के संज्ञान में भी लाया गया। मामलों को संज्ञान मे लाने के बाद भी इन अधिकारियों ने इस मामलों में कोई कार्रवाई नहीं की है। और अगर कोई कार्रवाई की भी गई है तो उसे कोर्ट तक नहीं लाया गया।

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साथ ही उन्होंने कहा कि ये कोई पहली बार नहीं है। जब कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की जांच और काम को लेकर फटकार लगाई हो। इससे पहले भी दिल्ली हाई कोर्ट समेत कई अदालतों ने दिल्ली पुलिस की जांच, अभियोजन और चार्जशीट पर सवाल उठाए हैं। लेकिन दिल्ली दंगों को लेकर केंद्र ने दिल्ली पुलिस की जांच की काफी तारीफ की थी।

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दिल्ली दंगों में पुलिस की भूमिका

बता दें कि दिल्ली के उत्तर पूर्वी इलाकों के दंगे तो हर किसी को याद होंगे। क्योंकि इन दंगों में नान जाने कितने परिवार तबाह हुए थे। कितनों ने अपने अपनों को खोया था। इस 23 फरवरी 2020 को हुए दिल्ली दंगों में 53 लोगों ने अपनी जान गवाई थी। सैकड़ों लोग गंभीर रूप से घायल और कुछ हमेशा के लिए आपाहिज हुए थे। ना जाने कितने लोगों की दुकाने और घर जलकर खाक हो गए थे। इन दंगों को सात दशक का सबसे बड़ा हिंदू-मुस्लिम दंगा कहा गया। जिसकों लेकर दिल्ली पुलिस पर आरोप है कि दंगों को काबू करने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए। जिसको लेकर दिल्ली पुलिस अदालतों की डाट भी खाती रही है। कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से जवाब मांगे हैं।

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बता दें कि एक बार तो दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस एस मुरलीधर ने दिल्ली पुलिस के स्पेशल कमिशिनर को ये तक बोल दिया था कि जब आप लोगों के पास भड़काऊ भाषण के वीडियो हैं तो कार्रवाई करने में देरी क्यों हो रही है। एफआईआर करने में किस का इंतेजार किया जा रहा है। कोर्ट ने कहा था कि अब देश जल रहा है तो कार्रवाई कब की जाएगी।

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वहीं दिल्ली पुलिस के डीसीपी प्रमोद कुशवाहा के मुताबिक़, इस मामले में उत्तरी – दिल्ली के 11 पुलिस थानों में 755 एफ़आईआर दर्ज की गयी हैं और 1753 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है। इस साल की शुरुआत में दिल्ली पुलिस ने एक आरटीआई के जवाब में बताया है कि 27 जनवरी 2021 तक 557 लोगों को जमानत दी गयी और कुल 300 मामलों में चार्जशीट दाखिल की गयी है। लेकिन पिछले कुछ महीनों में दिल्ली की तमाम अदालतों ने दंगों से जुड़ी याचिकाओं की सुनवाई करते हुए दिल्ली पुलिस को आड़े हाथों लिया है।

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