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फ़ायदे और नुक्सान, आप भी जानें पपीते से जुड़े कुछ साइंटिफिक तथ्य

papaya e1615380803243 फ़ायदे और नुक्सान, आप भी जानें पपीते से जुड़े कुछ साइंटिफिक तथ्य

पपीता – एक तरफ पपीते का सेवन बहुत लाभदायक होता है। वहीं दूसरी तरफ इसके अत्याधिक इस्तेमाल से काफी नुक्सान भी होते है। आज आपको कुछ ऐसे साइंटिफिक तथ्यों से रूबरू करा दे जिसको समझना आपके लिए बेहद ज़रूरी है।

पपीते को माना जाता है शानदार डाइजेशनल डाइट –
भारतीयों में पपीते को शानदार डाइजेशनल डाइट माना जाता है। एक तरफ इससे हार्ट डिजीज, डाइबिटीज, कैंसर, डाइजेस्टिव प्रॉब्लम्स को खत्म करने वाला माना जाता तो दूसरी तरफ इसके कुछ नुकसान भी है। बता दे कि पपीता में प्रचूर मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है। एक सामान्य आकार के पपीते में 30 ग्राम कार्बोहाइड्राइट, 5 ग्राम फाइबर, 18 ग्राम शुगर और 2 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है। इसके अलावा पपीते में फोलिएट, विटामिन ए, मैग्नीशियम, कॉपर, पेंटोथेनिक एसिड भी पाया जाता है। साथ ही पपीते में कई तरह के एंजाइम पाए जाते हैं जिसका ज्यादा सेवन करने से नुकसान होता है।

पपीते के फ़ायदे –
1. पपीते में जिंकासांथिन एंटीऑक्सीडेंट नामक रासायनिक पदार्थ पाया जाता है, जो शरीर में खतरनाक नीली किरणों को हटाने का काम करता है।
2. पपीते के सेवन करने से हमारी आँख के लिए एक सुरक्षात्मक कवच बनकर तैयार होता है।
3. पपीते में बिटा कैरोटिन नामक रासायनिक पदार्थ भी पाया जाता है जो अस्थमे की बीमारी में एक अच्छा प्रतिरोधक माना जाता है।
4. इनके अतिरिक्त पपीते में कुछ विटामिन्स पाए जाते है जिससे बोन हेल्थ, स्किन प्रॉब्लम्स ,हेयर हेल्थ जैसी समस्याओं का निवारण किया जा सकता है।

पपीते के ज़्यादा सेवन से नुक्सान –
1. जिस व्यक्ति को लेटेक्स एलर्जी है यानी जिसे रबर गलब्स या रबड़ की वस्तुओं से एलर्जी है उसे पपीता से भी एलर्जी हो सकता है क्योंकि पपीता में
चिटएनेसेस एंजाइम पाया जाता है। यह एक तरह का लेटेक्स ही होता है। बता दे कि कटे हुए पपीता में इसकी मात्रा और अधिक बढ़ जाती है।
2. जिस व्यक्ति में लेटेक्स एलर्जी से भी गंभीर एलर्जी है उसे पपीते के अत्यधिक सेवन से एनाफाइलेक्सिस हो सकता है। इससे सांस की गंभीर समस्या पैदा        हो सकती है।
3. प्रेग्नेंट महिलाओं को पपीता का सेवन बिलकुल भी नहीं करना चाहिए। इसमें लेटेक्स बहुत अधिक मात्रा में पाया जाता है जिससे यूटेरस की दीवार में              संकुचन पैदा होगा, और समय से पहले लेबर शुरू होने की सम्भावना बढ़ जाती है।
4. जैसा की उपर बताया गया है कि पपीते का सेवन हाज़मे के लिए किया जाता है। लेकिन इसके अत्याधिक इस्तेमाल से डाइजेशन बुरी तरह से बिगड़            सकता है, पपीता में बहुत अधिक मात्रा में फाइबर मौजूद रहता है इसलिए इसके ज़्यादा सेवन करने से डाइजेशन प्रोब्लम, या इससे सम्बंधित कोई भी          बीमारी हो सकती है।
5. मर्दो के लिए इसका सेवन करने से काफी नुक्सान हो सकता है। अगर पपीते के बीज मर्दो के पेट में चले जाए तो ये स्पर्म्स की गतिशीलता को प्रभावित          करते है। अगर बेबी करने का प्लान हो तो मर्द को इसके ज़्यादा सेवन या बीजो के पेट में चले जाने को लेकर बहुत अलर्ट होना चाहिए।

 

 

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