समाजसेवी शमशेर के निधन पर अल्मोड़ा रैमजे में एक श्रृद्धांजली सभा आयोजन किया गया

उत्तराखंडःअल्मोड़ा के वरिष्ठ पत्रकार व जनसरोकारों से प्रसिद्ध समाजसेवी शमशेर के निधन के बाद राज्य भर में शोक की लहर है। आज सूबे के समाजसेवी और सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा अल्मोड़ा रैमजे में एक श्रधांजली सभा का आयोजन किया गया था। जिसमें प्रदेश भर से सामाजिक संगठनों के लोगों ने प्रतिभाग किया। शोकसभा में वरिष्ठ पत्रकार को उत्तराखण्ड के जननायक की उपाधी दी गई।

 

समाजसेवी शमशेर के निधन पर अल्मोड़ा रैमजे में एक श्रृद्धांजली सभा आयोजन किया गया
समाजसेवी शमशेर के निधन पर अल्मोड़ा रैमजे में एक श्रृद्धांजली सभा आयोजन किया गया

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शोकसभा में सभी संगठन और आंदोलनकारी एक मंच पर एकत्र हुए। शमसेर बिष्ट ने जिस तरह से राज्य में कई आंदोलन खड़े किये लेकिन किसी भी संगठन में शामिल नही हुए वैसे ही सभी लोग अब एक मंच पर आकर राज्य के हितों में लड़ाई लड़ने का ऐलान कर रहे है।डॉ.शमशेर सिंह बिष्ट का शनिवार की सुबह चार बजे अपने अल्मोड़ा स्थित आवास पर निधन हो गया था। वह 71 वर्ष के थे और पिछले कुछ समय से शुगर और गुर्दे की तकलीफ से परेशान थे।

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शनिवार दोपहर को अल्मोड़ा में उनके पार्थिव शरीर को जनगीतों के साथ विदाई दी गई। उत्तराखंड जनसंघर्ष वाहिनी के अध्यक्ष रहे बिष्ट का जन्म 1947 में अल्मोड़ा में हुआ था। उनका राजनीतिक सफर 1972 में अल्मोड़ा कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष के तौर पर शुरू हुआ। उस समय छात्रसंघ अध्यक्ष बनने के लिए पूरा सिनेमा हॉल बुक कर छात्रों को फिल्म दिखाते थे।

निर्मल उप्रेती