September 28, 2021 8:40 pm
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 5565 कारीगरों को 707 करोड़ रुपये का मिला लोन

मंत्री लघु एवं सूक्षम  5565 कारीगरों को 707 करोड़ रुपये का मिला लोन

लखनऊ। यूपी के स्थानीय कला, शिल्प और समुदायों के पारंपरिक कौशल को संरक्षित और विकसित करके स्थानीय स्तर पर रोजगार में वृद्धि के लिए शरू की गई एक जिला-एक उत्पाद योजना (ओ.डी.ओ.पी.) का लाभ लोगों को मिलता नजर आ रहा है।

बताया जा रहा है कि ओडीओपी वित्त पोषण सहायता योजना के तहत अब तक 5565 करीगरों एवं इकाइयों को 707 करोड़ रुपये का लोन उपलब्ध कराते हुए 70 हजार से अधिक लोगों को रोजगार से जोड़ा गया।

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने बताया कि मौजूदा समय में प्रदेश के नौ जनपदों गाजियाबाद, मैनपुरी, मऊ, मीरजापुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, आगरा, मुरादाबाद तथा भदोही में 73.54 करोड़ रुपये की लागत से सामान्य सुविधा केन्द्र (सीएफसी) की स्थापना का कार्य भी शुरू हो चुका है। भदोही में कालीन उद्यमियों की सुविधा के लिए 868.70 लाख रुपये की लागत से रा-मटेरियल प्रोसेसिंग सेंटर की स्थापना कराई जा रही है। मुरादाबाद में ओडीओपी उत्पाद धातु शिल्प के निर्यात को बढ़ाने के लिए 958.43 लाख रुपये से हाईब्रिड इन्टरप्राइजेस रिसोर्स प्लानिंग (ईआरपी) सीफसी की स्थापना का कार्य प्रगति पर है।

श्री सिंह ने बताया कि इसी प्रकार गाजियाबाद में ओडीओपी प्रोडेक्ट यांत्रिकी उत्पाद हेतु 1488.63 लाख की लागत से स्थापित की जा रही है, सीएफसी में उद्यमियों के लिए मार्डन टूल रूम, रिसर्च एण्ड डेवलेपमेंट लैब, मैटेरियल टेस्टिंग आदि की सुविधा उपलब्ध होगी। साथ ही मिर्जापुर में कालीन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए 757.42 लाख रुपये की लागत से वूल यार्न प्रोसेसिंग सेंटर तथा रॉ-मेटेरियल बैंक से संबंधित सीएफसी स्थापित होगी। उन्होंने बताया कि इसी क्रम में जनपद मैनपुरी में 100.55 करोड़ रुपये से ओडीओपी उत्पाद तारकशी कला तथा वस्त्र सिलाई एवं कढ़ाई के लिए स्थापित होने वाली सीएफसी के अंतर्गत कामन टूल रूम, रॉ-मटेरियल बैंक तथा डिजाइन एण्ड डिस्प्ले सेंटर की सुविधा उपलब्ध होगी।

श्री सिंह ने बताया कि ओ.डी.ओ.पी. योजना के अन्तर्गत शुरूआती दौर में प्रशिक्षण एवं उन्नत किस्म के टूलकिट उपलब्ध कराकर पारंपरिक कारीगरों के व्यवसाय को बढ़ाने में सहयोग दिया गया। ओडीओपी कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश के सभी जनपदों के चिन्हित उत्पादों के सर्वोन्नमुखी विकास को प्राथमिकता देते हुए उचित दाम पर कच्चा माल उपलब्ध कराने के साथ ही हस्तशिल्पियों एवं कारीगरों के उत्पादों की राष्ट्रीय-अंतराष्ट्रीय मांग बढ़ाने के लिए प्रदेश के प्रत्येक जनपद में सामान्य सुविधा केन्द्र की स्थापना कराई जा रही है।

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