अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव का भव्य शुभारंभ, योग मय हुआ कार्यक्रम

ऋषिकेश। अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव के दूसरे दिन पीएम नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये संबोधित किया। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश में चल रहा योग महोत्सव अपने आप में अनूठा है। यह योग की ही देन है कि विश्व के कई देशों के लोग इस पवित्र गंगा के तट पर पहुंचे हैं। योग प्रकृति के करीब पहुंचने का बेहतरीन माध्यम है। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि योग से आतंकवाद पर भी नियंत्रण किया जा सकता है। विश्व शांति की स्थापना के लिए हमें योग और वैदिक रीति को अपनाना होगा। पीएम मोदी ने कहा कि योग व्यक्तियों, परिवारों, समाजों, राष्ट्रों के भीतर सद्भाव और शांति बनाने के लिए एक रास्ता है। इस दौरान मेदी ने देश के वैज्ञानिकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारतीय वैज्ञानिकों ने 104 सैटेलाइट भेज कर इतिहास रचा है। भारतीय वैज्ञानिकों ने अपनी उपलब्धियों से भारत का सिर पूरे विश्व में ऊंचा किया।

अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव का हुआ भव्य शुभारंभ- आयुष मंत्रालय और भारत सरकार सहित कई अन्य प्राधिकरणों के समर्थन से संयुक्त रुप से आयोजित 29वें वार्षिक अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव का शुभारम्भ 1 मार्च को हुआ जिसमें प्रदेश के उपराज्यपाल कृष्ण कांत पाल, स्वामी चिदानन्द सरस्वती, ड्रिकुगं काबगोन चेतसंग आदि मौजूद रहे। इस अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव में विश्व के लगभग 100 देशों के 1200 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। इस विश्वविख्यात कार्यक्रम में कई देशों से लोग भाग लेने आए। महोत्सव में अमेरिका से आयी आनन्द्रा जार्ज ने सुबह नादयोग साधना का अभ्यास कराया। अमेरिका के गुरूमुखसिंह खालसा द्वारा कुण्डलिनी योग का अभ्यास कराया।

योग आसन की अन्य कक्षाओं में आस्ट्रेलिया के मार्क राबर्ट द्वारा अष्टांग प्राथमिक श्रंखला, अमेरिका के टोमी रोजेन द्वारा कुन्डलिनी एक्सप्रेस बैंगलोर के एच एस अरूण द्वारा ’अंयगर योग’, तथा संदीप देसाई द्वारा ताई ची योग का अभ्यास कराया। क्वीन आफ सोस के नाम से विख्यात उोदाका योग की सह-संस्थापक फ्रांसेस्का केसिया द्वारा सोस के रहस्य का अनावरण विषय पर कक्षा सम्पादित की गयी।

न्यूयार्क के विश्व विख्यात योगाचार्य जूल्फ फेबर ने जीवमुक्ति योग का, पद्म श्री भरत भूषण द्वारा भरत योग का तथा अमेरिका की योगाचार्य लौरा प्लम्ब द्वारा रॉक भक्ति का अभ्यास कराया। अमेरिका की योगाचार्य किया मिलर ने कहा, ’मैं चाहती हूँ कि लोग अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव की ओर आकर्षित हों क्योकि यहां पर प्राचीन पारम्परिक योग विद्या का सारगर्भित ज्ञान प्राप्त होता है। मेरे लिये तो यह उत्सव व महोत्सव से भी बढ़ कर है।