WhatsApp Image 2021 01 10 at 11.59.42 AM बर्ड फ्लू से बचने के उपाय, अंंडे-चिकन को लेकर बरतनी होगी ये सावधानी
प्रतीकात्मक चित्र

नई दिल्ली। कोरोना काल के बाद देश पर नया संकट मंडराता दिख रहा है। एक तरफ कोरोना के टीकाकरण को लेकर 16 जनवरी का ऐलान हो चुका है। देशवासियों में एक नए सवेरे की आशा जगी है कि वैक्सीनेशन के बाद फिर देश की आर्थिक और सामाजिक जिंदगी पटरी पर लौट आएगी। कोरोना के जाल से निकलने के लिए पूरी दुनिया की नजर भारत के द्वारा एक साथ लाॅन्च की गई दो वैक्सीन पर है ज्यादातर देश भारत की तरफ आशा की एक नजर बनाए हुए हैं। वहीं कोरोना को हमेशा जड़ से मिटाने के लिए 16 फरवरी से टीकाकरण का काम शुरु हो जाएगा। वहीं अलग अलग राज्यों से पक्षियों के मरे मिलने की खबर ने एक बार फिर प्रशसन के कान खड़े कर दिए हैं। कोरोना जैसी महामारी से देश अभी उभरा नहीं कि देश पर एक और नया संकट मडराने लगा है।

 

आपको बता दें कि देश से अभी कोरोना का संकट टला नहीं कि बर्ड फ्लू नाम की बीमारी ने लोगों के मन में दहशत पैदा कर दी है। हरियाणा, मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और केरल में इस बीमारी की पुष्टि हो चुकी है। यह बीमारी इन्फ्लूएंजा टाइप-ए H5N1 वायरस की वजह से फैलती है।WHO की एक रिपोर्ट की मानें तो H5N1 के कारण संक्रमित लोगों में मृत्यु दर लगभग 60 प्रतिशत है। यानी इस बीमारी का मॉर्टालिटी रेट कोरोना वायरस से भी ज्यादा है। क्योंकि कोरोना वायरस से मृत्यू दर सिर्फ 3 से 4 प्रतिशत है। आइए आपको बताते हैं कि इससे बचने के लिए क्या करें।

 

साफ सफाई का ध्यान रखें-

छत पर रखी टंकियों, रेलिंग्स या पिजरों को डिटर्जेंट से अच्छी तरह साफ करें। पक्षियों के मल या संबंधित जगह पर फैले पंख या कचरे को सावधानी से साफ करें। पक्षियों को खुले हाथों से न कपड़ें, उनसे निश्चित दूरी बनाकर रखें। H5N1 से संक्रमित पक्षी करीब 10 दिनों तक मल या लार के जरिए वायरस रिलीज कर सकता है।

 

पक्षियों के सम्पर्क में न आएं-

H5N1 वायरस के खतरे से बचने के लिए हमें पक्षियों के साथ सीधे संपर्क में नहीं आना चाहिए। डोमेस्टिक पोल्ट्री फार्म के पक्षियों के संक्रमित होने के बाद इंसान के बीच इसके फैलने की संभावना काफी बढ़ जाती है। पक्षियों के मल, लार, नाक-मुंह या आंख से स्राव के माध्यम से भी ये बीमारी इंसानों में फैल सकती है।

 

भोजन को अच्छे से पकाएं-

चिकन को करीब 100 डिग्री सेल्सियस की ताप पर पकाएं। कच्चा मांस या अंडा खाने की गलती न करें। हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक, ये वायरस ताप के प्रति संवेदनशील है और कुकिंग टेंपरेचर में नष्ट हो जाता है। कच्चे मांस या अंडों को खाने की दूसरी चीजों से अलग रखना चाहिए।

 

अधपका खाना न खाएं

जिम जाने वाले लोगों को अक्सर आपने हाफ बॉइल या हाफ फ्राइड अंडा खाते देखा होगा। बर्ड फ्लू से बचने के लिए इस आदत को तुरंत बदल दें। अधपका चिकन या अंडा खाने से ये बीमारी आपको चपेट में ले सकती है।

कैसा चिकन खरीदें

चिकन शॉप या पोल्ट्री फार्म पर ऐसे मुर्गों का मांस खरीदने से बचें जो दिखने में कमजोर और बीमार लग रहे हों।  ये पक्षी H5N1 वायरस से संक्रमित भी हो सकता है। चिकन खरीदते समय पूरा एहतियात बरतें. साफ-सुथरा चिकन ही खरीदें।

बर्ड फ्लू के लक्षण

बर्ड फ्लू के लक्षण आमतौर पर होने वाले फ्लू के लक्षणों से काफी मिलते-जुलते हैं. H5N1 इंफेक्शन की चपेट में आने पर आपको खांसी, डायरिया, रेस्पिरेटरी में परेशानी, बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, बेचैनी, नाक बहना या गले में खराश की समस्या हो सकती है।

 

कच्चा मांस-सरफेस न छूएं

दुकान से चिकन खरीदने के बाद उसे धोते वक्त हाथों पर ग्लव्स और मुंह पर मास्क जरूर पहनें। कच्चा मांस या अंडा भी किसी इंसान को संक्रमित कर सकता है। आप किसी दूषित सरफेस के माध्यम से भी वायरस की चपेट में आ सकते हैं। इसलिए पोल्ट्री फार्म या दुकानों पर किसी चीज या सरफेस को छूने से बचें। किसी भी चीज को छूने के बाद हाथों को तुरंत सैनिटाइज करें।

 

इन बातों का भी रखें ख्याल

पोल्ट्री फार्म में काम करने वाले लोगों से दूर रहें और प्रभावित इलाकों में जाने से बचें। हेल्थकेयर वर्कर्स के नजदीक न जाएं। घर में किसी संक्रमित व्यक्ति से भी निश्चित दूरी बनाकर रखें। ओपन एयर मार्केट में जाने से परहेज करें और हाइजीन-हैंडवॉश जैसी बातों का खास ख्याल रखें।

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