September 27, 2021 4:35 pm
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लखनऊः यूपी के इन 20 जिलों में बाढ़ का कहर, 600 से अधिक गांव जलमग्न

लखनऊः यूपी के इन 20 जिलों में बाढ़ का कहर, 600 से अधिक गांव जलमग्न

लखनऊः उत्तर प्रदेश में पिछले काफी दिनों से हो रही लगातार बारिश और बांधों से छोड़े गए पानी की वजह से कई नदियां उफान पर हैं। जिसके चलते राज्य के 20 जिलों में बाढ़ की स्तिथि बन गई है। यूपी के 600 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ से प्रभावित सभी जिला प्रशासन को राहत बचाव कार्यों के लिए जरुरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। बुधवार को राहत आयुक्त कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, हमीरपुर, इटावा, बांदा, जालौन, कौशांबी, वाराणसी, औरैया, कानपुर देहात, चंदौली, प्रयागराजा, हाजीपुर, आगरा, फर्रूखाबाद, सीतापुर, मऊ, गोरखपुर, मिर्जापुर, गोंडा, बहराइच, लखीमपुर खीरी, कानपुर नगर, शाहजहांपुर, और फतेहपुर के 605 गांव बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हैं।

हमीरपुर में सबसे ज्यादा प्रभावित हैं गांव

राज्य के सबसे ज्यादा प्रभावित 75 गांव हमीरपुर के हैं। इसके अलावा, बांदा के 71 तथा इटावा और जालौन के 67-67 गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है। साथ ही बाढ़ के प्रभावित राज्य के 110 गांवों से संपर्क टूट गया है।

खतरे के निशान से ऊपर नदियां

केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक, भारी वर्षा के कारण गंगा, यमुना, शारदा, बेतवा तथा क्वानो नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। गंगा नदी कचला ब्रिज (बदायूं), फाफामऊ (प्रयागराज), प्रयागराज, मिर्जापुर, वाराणसी, गाजीपुर तथा बलिया में खतरे के निशान को पार कर गई है और बलिया को छोड़कर बाकी स्थानों पर इसका जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।

साथ ही यमुना नदी औरैया, जालौन, हमीरपुर, चिल्ला घाट, बांदा तथा नैनी (प्रयागराज) में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। बेतवा नदी सहिजना (हमीरपुर) में, शारदा नदी पलिया कलां (लखीमपुर खीरी) में और कुआनो नदी चंद्रदीप घाट (गोंडा) में लाल निशान को पार कर गई है।

राहत कैंप लगाए गए

राहत आयुक्त कार्यालय के मुताबिक, प्रदेश में 940 राहत कैंप लगाए गए हैं। बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर लाने तथा राहत सामग्री पहुंचाने के लिए कुल 1463 नाव का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके अलावा बाढ़ की स्थिति पर नजर रखने के लिए 1125 चौकियां स्थापित की गई हैं। अब तक 536 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। वहीं, बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत एवं बचाव कार्य के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), एसडीआरएफ और पीएसी की कुल 59 टीमें तैनात की गई हैं।

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