December 8, 2022 6:32 pm
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चौधरी अजित सिंह ने सपा अध्यक्ष से की मुलाकात, सीट बंटवारे पर सस्पेंस बरकरार

आरएलडी के सीटों पर सस्पेंस चौधरी अजित सिंह ने सपा अध्यक्ष से की मुलाकात, सीट बंटवारे पर सस्पेंस बरकरार

उत्तर प्रदेश में सपा-बसपा गठबंधन में चौधरी अजित सिंह की पार्टी राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) के शामिल होने को लेकर अभी सस्पेंस बरकरार है। लेकिन इस बात का फैसला आज यानी कि बुधवार को हो सकता है। इसको लेकर आरएलडी के उपाध्यक्ष जयंत चौधरी सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मिलने के लिए पार्टी कार्यलय में पहुंचे हैं। चौधरी ने कहा कि सीट की कोई बात नहीं है सवाल रिश्ते का है। उन्होंने आरएलडी कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी इसका कोई जवाब नहीं दिया।

 

आरएलडी के सीटों पर सस्पेंस चौधरी अजित सिंह ने सपा अध्यक्ष से की मुलाकात, सीट बंटवारे पर सस्पेंस बरकरार

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अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद जयंत चौधरी ने कहा कि सपा अध्यक्ष के साथ उनकी बातचीत अच्छा रही है। चौधरी ने कहा कि हमें इसकी सफलता मिलेगी। पहले चरण की बातचीत को हमने आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा के खिलाफ और मोदी सरकार की किसान विरोधी नीति के खिलाफ गठबंधन पूरे देश में खड़ा होगा। सीट की कोई बात नहीं है सवाल रिश्ते का है।

चौधरी ने कहा कि कैराना में हमारा तालमेल बहुत सफल रहा है, सीटों को लेकर आपस में कोई लड़ाई नहीं है। इसके पहले कयास लग रहे थे कि आज की बैठक में आरएलडी को दी जाने वाली सीटों लेकर तस्वीर साफ हो जाएगी। लेकिन जयंत चौधरी ने सीटों को लेकर कोई बात नहीं कही। हालांकि सपा-बसपा गठबंधन ने आरएलडी के लिए 2 सीटें छोड़ी हैं। इतनी सीटों में पार्टी अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह सहमत नहीं हैं।

जानकारी है कि आरएलडी सम्मानजनक तौर पर अब गठबंधन में 4 सीटें चाहती है। जिसमें मुजफ्फरनगर, बागपत और मथुरा शामिल हैं। आरएलडी इन तीन सीटों के अलावा कैराना और अमरोहा में से एक सीट चाहती है। गठबंधन ने 2 सीटें आरएलडी के लिए पहले से ही छोड़ रखी हैं, इसके अलावा अखिलेश अपनी सीटों में से उन्हें एक और सीट दे सकते हैं। फिलहाल आरएलडी 2 सीटों के लिए तैयार नहीं है। लेकिन ऐसा भी कहना मुश्किल है कि वह 3 सीटों पर वह नहीं मानेगी।

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बता दें कि शनिवार को बसपा अध्यक्ष मायावती और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने साझा प्रेस कान्फ्रेंस करके गठबंधन का एलान किया था। इस दौरान दोनों नेताओं ने आरएलडी को लेकर किसी तरह की कोई बात नहीं कही थी। गौरतलब है कि सपा-बसपा ने सूबे की 80 लोकसभा सीटों में से 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। जबकि 2 सीटें सहयोगी दल के लिए छोड़ी हैं। इसके अलावा अमेठी और रायबरेली सीट पर कांग्रेस के खिलाफ गठबंधन कोई उम्मीदवार चुनाव नहीं लड़ेगा।

प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने एक सवाल के जवाब में कहा था कि आरएलडी की सीटों के बारे में अलग से बात की जाएगी। हालांकि उसी के कुछ देर बाद सपा महासचिव राम गोपाल यादव ने आरएलडी को दो सीटें देने की बात साफ कर दी थी। उन्होंने कहा था कि दो सीटें जो छोड़ी गई हैं वो आरएलडी के लिए ही हैं। जबकि आरएलडी 6 सीटों की मांग कर रही है।

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