…तो 30 वर्षाें में नहीं बचेगा एक भी हिंदू !

ढाका। बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ हो रहे अत्याचार और लगातार पलयान समस्या का विषय बनी हुई है। ढाका विश्वविद्यालय के प्राफेसर डॉ अब्दुल बरकत ने इसपर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि जिस तरह से हिंदुओं का पलायन जारी है अगर यही रफ्तार जारी रही तो आने वाले तीन सालों में बांग्लादेश में एक भी हिंदू नहीं रह जाएगा। बांग्लादेश में हिंदू अल्प संख्या मे हैं और जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक करीब 630 हिंदू रोज पलायन कर रहे हैं। उन्हाेंने बताया कि पिछले 49 वर्षाे में पलायन की दर इस तरफ इशारा करती है कि आने वाले 30 वर्षों में बांग्लादेश में एक भी हिंदू नहीं रह जाएगा।

hindu-jan_selab

ढाका विश्वविद्यालय के प्राफेसर डॉ अब्दुल बरकत द्वारा लिखी गई पुस्तक ’बांग्लादेश में कृषि-भूमि जल सुधार की राजनीतिक अर्थव्यवस्था’ में उन्होंने लिखा है कि बांग्लादेश में जिस तरह से हिंदुओं का पलायन जारी है उससे ऐसा ही लगता है कि आगामी तीन दशकों में बांग्लादेश में एक भी हिंदू नहीं रह जाएगा। अपने पुस्तक के विमोचन के दौरान डॉ बरकत ने बताया कि 1964 से 2013 के बीच करीब 1 करोड़ 13 लाख हिंदू देश छोड़ रहे हैं, इसका कारण उनके साथ धर्मिक उत्पीड़न और भेदभाव हो सकता है।

ढाका विश्वविद्यालय के एक और प्रोफेसर ने बताया कि जब बांग्लादेश बना नहीं था और पाकिस्तान का शासन था, उस दौरान हिंदुओं की संपत्तियाें को भी अनामी बताकर जब्त कर लिया गया था, और जब बांग्लादेश को स्वतंत्रता मिली फिर भी उनको उनकी जमीन नहीं लौटाई गई, जिसके चलते करीब 60 फीसदी हिंदू भूमिहीन रह गए। हिंदुओं के साथ देश में लगातार अत्याचार होते रहे है, कई बार हिंदूओं के धर्मिक स्थलाें को तोड़ने की भी खबरें आती रही है, उनके साथ भेदभाव किया जाता रहा है जोकि हिंदुओं के पलायन का कारण बना हुआ है।