धार्मिक घृणा फैलाने के आरोप में किशोर ब्लागर दोषी करार

सिंगापुर। सिंगापुर की एक अदालत ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर धार्मिक घृणा फैलाने के आरोप में एक 17 साल के ब्लागर को कैद की सजा सुनाई। अदालत ने अमोस यी को करीब 1,460 डॉलर का जुर्माना भरने का आदेश दिया। यी को ईसाई धर्म और इस्लाम के खिलाफ कई आपत्तिजनक संदेश फेसबुक और यूट्यूब पर डालने का दोषी घोषित किया गया।

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उप लोक अभियोजक हान यी ने किशोर के बारे में कहा, यी ने खुद तव्वजो पाने के लिए धार्मिक भावनाओं को आहत किया और अंतत: इससे वित्तीय लाभ पाना चाहा। उन्होंने कहा कि उसे बीते साल इसाईयों को अपमानित करने के लिए सजा सुनाई गई थी।

एफे न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, यी के वकील एन. कनगाविजयन ने कहा कि उनके मुवक्किल ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है और सोशल मीडिया पर दिए अपने संदेश में इसाईयों और मुसलमानों को ठेस पहुंचाने के लिए पश्चाताप जाहिर किया है। यी को मामले में अधिकतम तीन साल के कारावास की सजा सुनाई गई है।

हालांकि, ह्यूमन राइट वॉच ने सजा की आलोचना करते हुए इस अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लंघन कहा है। ह्यूमन राइट वॉच एशिया प्रभाग के उप निदेशक फिल रॉबर्टसन ने कहा, “अपनी टिप्पणी, चाहे वह कितनी भी आहत करने वाली हो, के लिए अमोस यी पर अभियोग लगाना दुर्भाग्य से सिंगापुर की एक ऐसी रणनीति को दिखाता है जो साफ तौर पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लंघन करती है।”