अफगानिस्तान के पुनर्निर्माण के लिए रूस, भारत के सहयोग की जरूरत : पुतिन

मॉस्को। राष्ट्रपति ब्लादीमिर पुतिन ने गुरुवार को कहा कि युद्धग्रस्त अफगानिस्तान के पुनर्निर्माण में मदद के लिए भारत व रूस दोनों ही रचनात्मक बहुपक्षीय सहयोग को गहरा करने में रुचि रखते हैं। पुतिन ने साक्षात्कार में कहा कि अफगानिस्तान की चिंता यह है कि भारत व रूस की सीमा पर हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं।

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पुतिन ने कहा, अफगानिस्तान में हो रही हरकतें अभी भी चिंता का विषय है। आतंकवाद, अतिवाद व मादक पदार्थो की तस्करी जैसे खतरों और चुनौतियों से निपटने में अफगानिस्तान की मदद के लिए निर्णायक कार्रवाई करने की जरूरत है। उन्होंने कहा, अफगानिस्तान की मदद करने के उद्देश्य से रूस व भारत अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत राष्ट्रीय सुलह के प्रयास का समर्थन करने की जरूरत को साझा करते हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा, मादक पदार्थ रोधी क्षमता का निर्माण, सामाजिक व आर्थिक विकास सुनिश्चित करने तथा आंतरिक संपर्क बढ़ाने में दोनों देश रचनात्मक बहुपक्षीय सहयोग को गहरा करने में रुचि रखते हैं।

पुतिन ने कहा कि उनका देश इस तरह का संपर्क प्रारूप विकसित करने को इच्छुक है, जो सुरक्षा की उभरती चुनौतियों से आसानी से निपटने की मंजूरी देता हो तथा संभावित खतरों से निपटने के लिए उपायों की संयुक्त रूप से तलाश कर रहा है।उन्होंने कहा कि शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) का इसमें बेहद महत्वपूर्ण योगदान है, क्योंकि भारत व पाकिस्तान के इस साल इसमें शामिल होने के बाद यूरेशियन रानजीतिक, आर्थिक तथा सुरक्षा गुट भारत तथा पाकिस्तान में अपने दायरे में लगातार विस्तार कर रहा है।

पुतिन ने कहा, एससीओ अपने प्रयास को लगातार बढ़ा रहा है, जिसका उद्देश्य विश्वास पैदा करना, संकटग्रस्त इलाके में संयुक्त प्रयास में मजबूती लाना तथा बहुमुखी सहयोग को विकसित करना है।