पाक सांसद चाहते हैं भारत के साथ हो परोक्ष रुप से बातचीत

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के सांसदों ने कहा है कि पाकिस्तान हर हाल में भारत के साथ परोक्ष रूप से बातचीत शुरू करे। पाकिस्तानी अखबार डॉन में गुरुवार को प्रकाशित खबर के मुताबिक, होल हाउस की सीनेट की कमेटी ने बुधवार को जो 22 संस्तुतियां की हैं, उनमें से एक यह भी है। यह समिति भारत के साथ सरकार के रिश्तों के लिए नीति की दिशा निर्देश तय करने के लिए गठित की गई है।

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सीनेट के अध्यक्ष राजा रब्बानी की अध्यक्षता वाली समिति की बंद कमरे में हुई बैठक के बाद जिन संस्तुतियों की स्वीकृति दी है उनमें से एक में कहा गया है, भारत और पाकिस्तान के बीच परोक्ष रूप से बातचीत की जरूरत, प्रभाव और उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए बातचीत पुन: बहाल की जानी चाहिए।

कहा गया है, द्विपक्षीय एवं कश्मीर से जुड़ विश्वास बहाली उपायों को बहाल करने और उसे विस्तारित करने की जरूरत है। इन सांसदों ने ऐसा माहौल बनाने पर जोर दिया, जिसमें पाकिस्तान और भारत राजनीतिक रूप से मुश्किल फैसलों को लागू करने के लिए परस्पर भरोसा और विश्वास का माहौल बना सकें। ऐसा माहौल, जिससे जम्मू एवं कश्मीर मसले का एक सम्मानित एवं सौहार्दपूर्ण हल निकल सके। साथ ही शांति एवं स्थिरता और जनता का कल्याण हो।

कमेटी ने उड़ी में सेना के शिविर पर हुए आतंकी हमले के लिए और जम्मू एवं कश्मीर मानवाधिकारों के हनन की सच्चाई का पता लगाने के लिए एक अंतर्राष्ट्रीय आयोग बनाने आह्वान किया। परोक्ष माध्यम के जरिए बातचीत बहाल करने के साथ इस समिति ने यह भी संस्तुति की है कि दोनों पड़ोसियों को जब बहुत अधिक उकसाया जा रहा हो तो गंभीरता के साथ सावधानी और संयम बरतना चाहिए।

इसमें किए जा सकने वाले एवं दीर्घकालिक कश्मीर नीति तैयार करने के लिए एक कार्यबल गठित करने को कहा गया है। डॉन की खबर के मुताबिक, सांसदों ने बलूचिस्तान सहित भारत के पाकिस्तान के विभिन्न क्षेत्रों में खुले हस्तक्षेप का सरकार से विरोध करने का आग्रह किया गया है।