मोसुल में हजारों महिलाओं को ‘सेक्स गुलाम’ बनाए हुए है आईएस

मोसुल। इराक के युद्धग्रस्त शहर मोसुल में आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) के जेहादी हजारों अल्पसंख्यक यजीदी महिलाओं को बंधक बनाए हुए हैं। यह जानकारी स्थानीय वेबसाइट आरा न्यूज ने एक प्रमुख मानवाधिकार कार्यकर्ता के हवाले से दी।

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आरा न्यूज के अनुसार, मानवाधिकार कार्यकर्ता नादिया मुराद ने शुक्रवार को कहा, “आईएस के आतंकियों के साथ सेक्स के लिए कुल 3,400 यजीदी महिलाएं और लड़कियां गुलाम बनी हुई हैं। मोसुल में सैन्य अभियान शुरू होने के बाद से कुछ ही महिलाएं भाग पाई हैं।”

नादिया ने कहा कि यजीदी परिवार अपनी महिलाओं और लड़कियों को आईएस के कब्जे से मुक्त कराने में मदद के लिए उन्हें फोन कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “एक यजीदी मां ने मुझे कहा कि आईएस के कब्जे से उनकी 16 वर्षीया बेटी को मुक्त कराने की कीमत 15,000 डॉलर है जितना वह भुगतान नहीं कर सकती हैं।”

आईएस की दासता के चंगुस से बच कर आईं और आईएस के हाथों यजीदी महिलाओं की दुर्दशा को दुनिया के सामने पेश करने के लिए इस साल नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित होने वाली नादिया मुराद ने कहा, “यह असहनीय है।”

बताया जाता है कि आईएस मानव ढाल के साथ-साथ सेक्स गुलाम के रूप में इस्तेमाल करने के लिए यजीदी महिलाओं को मोसुल लाया है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने शुक्रवार को कहा कि आईएस के गढ़ वाले इलाकों में नागरिकों की पीड़ा असहनीय और स्तब्ध करने वाली है।

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, इस सप्ताह आईएस की तथाकथित अदालत ने देशद्रोह के कथित आरोप में 60 लोगों को फांसी दे दी। अन्य जुल्मों में उत्पीड़न, रासायनिक हमले, मानव ढाल के रूप में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल और महिलाओं और लड़कियों का यौन शोषण शामिल हैं।