अपनी जमीन का इस्तेमाल आतंक के लिए न होने दें सार्क देश: नेपाल

काठमांडू। पाकिस्तान द्वारा इस्लामाबाद में होने वाले 19वें दक्षेस शिखर सम्मेलन के स्थगन की औपचारिक घोषणा के बाद नेपाल ने रविवार को कहा कि वह दक्षिण एशियाई समूह के सभी सदस्यों से संपर्क करेगा और जल्द से जल्द दक्षेस शिखर सम्मेलन बुलाने का प्रयास करेगा। काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, नेपाली विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि नेपाल सम्मेलन को पुनर्निर्धारित करने के लिए सभी दक्षेस सदस्यों से मुलाकात करेगा। सम्मेलन 9-10 नवम्बर को आयोजित किया जाना था।

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रविवार को नेपाल ने कहा है कि सार्क सम्मेलन के लिए पाकिस्तान का पर्यावरण ‘अनुकूल नहीं है’। नेपाल का कहना है कि सार्क देशों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके क्षेत्रों का इस्तेमाल सीमा पार आतंकवाद के लिए नहीं करना चाहिए। प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ के विदेशी मामलों के सलाहकार ऋषि राज अधिकारी ने कहा, “दक्षेस के अध्यक्ष के तौर पर, नेपाल सुनिश्चित करेगा कि सम्मेलन जल्द से जल्द हो।” अधिकारी ने कहा, “हम सदस्य देशों के साथ स्थान और समय, दोनों पर चर्चा करेंगे।” अधिकारी का बयान भारत के सम्मेलन में शामिल न होने के फैसले के बाद आया है।

भारत ने कहा था कि ‘क्षेत्र में बढ़ता सीमा पार आतंकवाद और ‘एक देश द्वारा’ सदस्य देशों के आतंरिक मामलों में हस्तक्षेप से ऐसा माहौल हो गया है, जो इस्लामाबाद में 19वें दक्षेस सम्मेलन के आयोजन के लिए सही नहीं है।’ अफगानिस्तान, बांग्लादेश और भूटान ने भी भारत के फैसले का समर्थन किया और उन्होंने भी सम्मेलन में शामिल होने में असमर्थता व्यक्त कर दी।

शुक्रवार को श्रीलंका ने भी सम्मेलन में शामिल होने से इनकार कर दिया, जिसके बाद पाकिस्तान को सम्मेलन स्थगित करना पड़ा। नेपाल के विदेश मंत्री प्रकाश शरन महत ने शनिवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिस्सा लेकर लौटने के बाद मीडिया से कहा, “सभी सदस्य देशों से विचार विमर्श के बाद सम्मेलन को लेकर फैसला लिया जाएगा। सभी देशों से प्रतिभागिता का आश्वासन मिलने के बाद समय तय किया जाएगा।”

उन्होंने सभी सदस्य देशों से क्षेत्र के विकास के लिए मंच के महत्व के बारे में संवेदनशील होने का आग्रह किया।