नोटबंदी से परेशान किसान ने करवा ली नसबंदी

अलीगढ़। नोटबंदी के बाद से आपको आज तक लोगों को पैसों के लाइनों में खड़े होने और उनकी समस्याओं के बारे में सुना होगा, लेकिन नोटबंदी से कुछ ऐसा भी हो सकता है इसके बार में आपने कल्पना भी नहीं की होगी। प्राप्त हो रही खबरों के अनुसार नोटबंदी से हो रही पैसों की तंगी से अलीगढ़ के चार बच्चों के पिता ने नसबंदी करवा ली, बताया जा रहा है कि इसके पीछें मजदूर किसान की सोच थी कि ऐसा करने से उसको कुछ रुपए मिलेंगे जिससे उसके परिवार का खर्च चल सकेगा।

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सूत्रों से प्राप्त हो रही जानकारियों के मुताबिक अलीगढ के पिसवा के चंडौस ब्लॉक, गांव रुप नगर के दलित निवासी सतीश सिंह ने पैसों के चलते नसबंदी करवा ली है। इस सिलसिले में सामुदायिक केंद्र प्रभारी का कहना है कि इससे व्यक्ति को एक से दो दिनों तक का ही पैसा मिल सकेगा जिससे वो परिवार चला सकेगा। बता देें कि सतीश पत्नी सुमन, एक बेटी और तीन बेटों का पालन पोषण करता था, पर प्रधानमंत्री मोदी द्वारा नोटबंदी की घोषणा करने के बाद से पैसो के लिए तरस रहा था जिसके चलते उसे ऐसा करना पड़ा।

बताया जा रहा है कि 24 नवंबर को किसान ने नसबंदी करवाया और वहां से बताया गया कि अगले ही दिन उसके खाते में दो हजार रुपए सहायता राशि के रुप में पहुंच जाएंगे। पर इससे विपरीत अगले दिन जब व्यक्ति बैंक जाकर देखता है तो उसके खाते में कोई पैसे नहीं आया है। आलम यह रहा कि उसके घर में पैसों की तंगी के चलते तीन दिन तक चूल्हा नहीं जला।

इस बावत सीएचसी प्रभारी विनीत सक्सेना ने बताया है कि नसबंदी की आधिकारिक कार्यवाही पूरी होने और कागजात बनने में कुछ दिन लग जाते हैं, दो चार दिनों में सारी कार्यवाही पूरी करने के बाद से उसके खाते में पैसे आए जाएंगे।