विमुद्रीकरण बना कालाधन रखने वालोें के लिए गले का फांस

नई दिल्ली। पीएम मोदी के 500 और 1000 के नोटबंदी के एलान के बाद से पूरे देश में अफरा तफरी का माहौल है, लोगों को ल्रबी लबी लाइनों में पैसों के लिए दिन भर खड़े देखा जा रहा है। लोगों को पैसों के लिए खासी मेहनत करनी पड़ रही है। पर इन सबके अलावा सबसे ज्यादा परेशानी में देखे जा रहे हैं वे लोग जिनके पास भारी मात्रा में कालेधन का स्टाक जमा हुआ है। ऐसे लोगों को अपने कालेधन को सफेद करने के कई सारे प्रयास करते देखा गया है, जिनके पास नोटों का भारी स्टाक है वे किसी ना किसी बहाने उन नोटों से छुटकारा पाने की कोशिश में लगे हुए हैं जो नोट आज तक उनके लिए जान से प्यार हुआ करते थे।

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जिन लोगों के पास कालेधन की मोटी रकम है, वे किसी ना किसी बहाने से नोटों से छुटकारा पाना चाह रहे हैं। कई जगहों से खबरें आ रही हैं कि बड़े संख्या में नोट जलाए जा रहे हैं। ताजा खबर हैरान करने वाली है। खबर उत्तरप्रदेश के मिर्जापुर से आ रही है जहां पर गंगा नदी में 500 और 1000 के नोटों को बहते हुए देखा गया है। सूत्रों के अनुसार मिर्जापूर के कोतवाली क्षेत्र के नारघाट स्थित गंगा नदी में कई सारे नोटों को बहतु हुए देखा गया है। इस नजारे को देखने के लिए लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई, कुछ लोगों ने नदी में कूदकर नोटों को निकालने का भी प्रयास किया पर उनके हाथ फटे हुए नोटों के अलावा कुछ नहीं आया।

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बरेली में जलते हुए मिले थे नोट- उत्तर प्रदेश के बरेली से भारी मात्रा में कालेधन का मामला सामने आया था। बरेली के परसा खेड़ा के रोट पर 500 और 1000 के नोटों से भरे बोरे जलते पाए गए हैं। बोरों में भरे जलते नोटों ने पूरे इलाकों में सनसनी मचा दी, लोगों ने इसकी खबर स्थानीय पुलिस को दी एक पल को तो कोई इस पर विश्वास करने को तैयार नहीं था, बाद में पुलिस ने स्थान पर पहुंच कर जले नोटों और बोरे को प्रयोगशाला में जांच के लिए भेज दिए। बताया जा रहा है कि जलते नोटों का खेप शहर के एक बड़े उद्योगपति के फैक्ट्री के बाहर पाया गया था।

abhilash -अभिलाष श्रीवास्तव