नरकंकाल खोज अभियान पर संकट के बादल

देहरादून। साल 2013 में देवभूमि पर आई भीषण आपदा के बाद अब राज्य सरकार ने इस आपोदा में शिकार हुए लोगों के पहाड़ों पर बिखरे नरकंकालों के जरिये लोगों का पता लगाने का जो अभियान छेड़ा है वो अब प्रमुख विपक्षी दल भाजपा के निशाने पर आ गया है। भाजपा अभियान को लेकर कई बार सरकार पर सवाल उठा चुकी है। अब एक बार फिर भाजपा सीएम हरीश रावत के इस महा अभियान को लेकर उन पर आक्रमक रूख किये हुए है।

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भाजपा लगातार इसे सीएम हरीश रावत का राजनीतिक दांव बतला रही है। अब भाजपा नेता और गुजरे जमाने के सीएम रावत के साथी रहे हरक सिंह रावत ने इस अभियान को सवालों के घेरे में लाकर खड़ा कर दिया है। हरक सिंह ने सीएम रावत से सीधा सवाल करते हुए कहा कि आखिर बीते 3 साल सरकार अभियान को लेकर चुप क्यूं थी। बीजेपी ने सीएम के इस अभियान को लेकर खासा हंगामा छेड़ रखा है।

भाजपा नेता हरक सिंह रावत ने सीएम रावत पर अभियान को लेकर निशाना साधते हुए कहा है कि आपदा के 6 महीने बाद ही विजय बहुगुणा सीएम पद से हट गये थे। सीएम की कुर्सी पर हरीश रावत काबिज हुए थे उस दौरान प्रदेश में आपदा पुननिर्माण लेकर तमाम सारे कामों का जिम्मा सीएम का था। इन कामों में रावत सरकार ने काफी हीलाहवाली कर रखी है। अब सरकार चुनाव के करीब में आते ही नरकंकालों के जरिये आपदा में गायब और मृत लोगों का पता लगाने की बात कह इनकी खोल का अभियान छेड़ देश और प्रदेश में लोगों का ध्यान अपनी नाकामी से हटाने के फिराक में लगी है। अगर सीएम रावत को लोगों की इतनी फिक्र थी तो आखिर कुर्सी संभालते ही क्यूं नहीं यह अभियान छेड़ा अब 3 साल बाद इस अभियान को छेड़ सरकार क्या साबित करना चाहती है।