उत्तराखंड: त्रषिकेश में 500 एकड़ में कछुआ प्रजनन केंद्र खुलेगा

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने गंगा को स्वच्छ बनाने के प्रयास में ऋषिकेश में कछुआ प्रजनन केंद्र खोलने के लिए 500 एकड़ भूमि को मंजूरी दे दी है। सूत्रों ने आईएएनएस को शनिवार को बताया कि जलीय जीवों के लिए गंगा में ऐसे अभयारण्य खोलने को लेकर ‘स्वच्छ गंगा राष्ट्रीय मिशन’ (एनएमसीजी) की राज्य सरकार से बातचीत चल रही है, जिन्हें गंगा नदी की सफाई के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।

Harish Rawat

एक अधिकारी ने यह भी कहा कि ‘कच्चे श्मशान घाटों’ को हटाने के लिए 400 श्मशान घाटों का भी निर्माण किया जाएगा। अधिकारी ने बताया कि नदी में रसायनयुक्त पानी का प्रवाह रोकने मात्र से ही नदी को साफ नहीं किया जा सकता। इसके लिए जलीय वनस्पतियों और जीवों में मछलियों, कछुओं और मगरमच्छों जैसे जलीय जीवों को शामिल करने की भी जरूरत है।

अधिकारी ने कहा, “इन जीवों में नदी के प्रदूषण को दूर करने का प्राकृतिक तंत्र मौजूद होता है।” उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल सभी में ऐसे प्रजनन केंद्र खोले जाएंगे, जहां गंगा नदी बहती है। अधिकारी ने कहा कि 100 दिनों की एक कार्य योजना तैयार है और इसके परिणाम एक साल में नजर आ जाएंगे।