यूपी में वामपंथियों ने विकास के मुद्दे पर मोदी पर साधा निशाना

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस में महागठबंधन की चर्चा के बीच वाम दलों ने पहली बार बुधवार को लखनऊ में अपनी ताकत दिखाई। मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि केंद्र सरकार ने मजदूरों, किसानों को लाचार किया है और देश में पूंजीपतियों व खरबपतियों की संख्या बढ़ाई है। लक्ष्मण मेला मैदान में आयोजित रैली में यहां सुबह 11 बजे से ही सीताराम येचुरी, डी़ राजा व दीपांकर भट्टाचार्य सहित कई वामपंथी नेता शामिल हुए।

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येचुरी ने कहा, “देश में पूंजीपतियों को कर्ज दिया जा रहा है और बड़े-बड़े पूंजीपतियों के ऊपर 11 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है। इसमें से एक लाख 12 हजार करोड़ रुपये का कर्ज मोदीजी माफ करते हैं। कल रात ही उन्होंने कहा था कि हर साल दो करोड़ नौकरी देंगे।” उन्होंने कहा, “आखिर यह विकास किसका हो रहा है। देश में पहले 55 खरबपति थे और अब सौ हो गए हैं। देश के आर्थिक तंत्र का आधा पैसा इन्हीं सौ लोगों के हाथों में है। वहीं 80 प्रतिशत के पास जिन्दा रहने के लिए 20 रुपये नहीं हैं। क्या इस लूट का हम साथ देंगे। इन नीतियों का विकल्प हमें देना है।”

उन्होंने कहा, “हमारा राष्ट्रवाद भारत के लिए है, उनका हिंदुत्व के लिए है। भारतीय और हिंदुत्व राष्ट्रवाद के टकराव में जो अंतर है, इसे समझना चाहिए। हम का मतलब है कि हिन्दू का ‘ह’ और मुस्लिम का ‘म’। तभी बेहतर भारत बन सकेगा।” भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) के महासचिव दीपांकर ने कहा, “कर चोरों पर कोई कार्रवाई नहीं है, जनता पर कर्रवाई हो रही है। यह नया जुमला है, 500-1000 रुपये के नोट बंद। भाजपा वाले सर्जिकल कार्रवाई पर वोट मांग रहे हैं। हद हो गई है, अगर आप प्रश्न करते हैं तो कहते हैं सेना के खिलाफ बोलना देशद्रोह है।”

उन्होंने कहा, “आतंकवाद से पाक भी परेशान है। भारत, पाक एक साथ लड़ेंगे, इसके लिए बात होनी चाहिए। सुब्रह्मण्यम स्वामी कहते हैं, परमाणु युद्घ चाहते हैं। पंजाब में लोग कह रहे हैं कि युद्घ की कीमत किसे चुकानी पड़ती है। सेना में काम कर रहे लोगों के बच्चों को।”

उन्होंने कहा, “उप्र का चुनाव महत्वपूर्ण है। लोकसभा का चुनाव दंगा के नाम पड़ा गया। और विधानसभा चुनाव गौ सेवा के नाम पर लड़ा जाएगा। एनडीटीवी पर रोक लगाई गई और अब आपातकाल थोपा जा रहा है। हां, खुशी की बात यह है कि जनता जाग रही है। वेमुला के मामले में युवाओं ने कहा, हम रोहित वेमुला के साथ हैं। जेएनयू में स्मृति कुछ नहीं कर सकी तो उनका विकेट गिरा दिया गया, बाद में गुजरात में आनन्दी बेन का भी विकेट गिरा।” दीपांकर ने आगामी विधानसभा चुनाव पर कहा, “किसान, मनरेगा, वन अधिनियम जैसे प्रश्नों पर होगा विधानसभा चुनाव उत्तर प्रदेश का। ये जो कर रहे हैं, इनके पीछे मोहन भागवत हैं। जब आठ कैदी भागे तो उनका इनकाउण्टर कर दिया गया। वहीं रिहाई मंच को परेशान किया जा रहा है। जेएनयू से गायब नजीब की मां को इंडिया गेट पर पीटा जाता है।”

रैली में बतौर अतिथि उपस्थित भाकपा नेता डी़ राजा ने कहा, “यहां पहुंचे सभी लोगों को बधाई देता हूं। यह समय कठनाई से गुजर रहा है। मोदी स्लोगन पर स्लोगन कह रहे हैं। यहां का आर्थिक तन्त्र कमजोर हो रहा है। रपट कह रही है, श्रीलंका से भी विकास में पिछे हुए हैं हम।” उन्होंने कहा, “सरकार को रोजगार देना चाहिए, लेकिन यह जॉबलेस सरकार है। मजदूर व किसान के भविष्य को ले कर हम चिंतित हैं। अडानी, टाटा, बिड़ला, अंबानी के साथ हैं मोदी। गरीब लोगों के साथ नहीं है। उत्तर प्रदेश की जनता सब समझती है।”