माया ने नोट बंदी को लेकर मांगा पीएम मोदी से हिसाब

नई दिल्ली। नोटबंदी को लेकर बसपा सुप्रीमो मायावती लगातार केन्द्र की मोदी सरकार पर हमलावर हैं। सड़क से लेकर संसद तक मायावती मोदी सरकार के इस फैसले को जनता के विरोध में लिया गया एक तुगलकी फैसला करार दे रही हैं। बसपा सुप्रीमों ने मोदी सरकार पर इस वक्त इस तरह के फैसलों को लेकर की एक वजह ये भी बताई है कि 5 राज्यों के विधान सभा चुनावों में जनता के बीच अपने वादों को पूरा ना कर पाने के लिए इस तरह के प्रयोजन के जरिए अपनी नीट एंड क्लीन छवि बनाने के लिए किया है। लेकिन इस फैसले ने जनता को परेशानी में बडाल दिया है।

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जनता पीएम मोदी को इस फैसले का चुनाव में अपने मतों के जरिए करारा उत्तर देगी। पीएम मोदी ने बिना किसी पूर्व तैयारी के ही इस तरह का बड़ा कदम उठाया है। वो भले ही कहें कि तैयारी 6 माह से चल रही थी लेकिन अगर तैयारी 6 माह की थी तो जनता को क्यों तकलीफ हो रही है। इस बात का मोदी जी संसद में आकर उत्तर क्यूं नहीं दे रहे हैं। चूंकि भाजपा वालों का सारा पैसा तो नोटबंदी के पहले ही सफेद कर दिया गया है। इसलिए उनकी पार्टी को कोई दिक्कत नहीं हो रही है। जनता की दिक्कतों से पीएम मोदी को कोई सरोकार नहीं हैं।

भाजपा नेताओं को पिछले 10 माह का अपने खातों के लेखा-जोखा का हिसाब देना चाहिए। क्योंकि इन्होने सारा पैसा अपना सफैद करा लिया है। अब इन्हें किसी से कोई मतलब नही हैं। देश में जनता बैंकों के बाहर लाइनों में खड़ी मर रही है। मोदी जी रैलियां कर रहे हैं। भाजपा पर माया का लगातार 8 नवम्बर से ही हमला जारी है। माया ने इस मुद्दे पर देश की राजधानी से लेकर प्रदेश की राजधानी में बाकायदा प्रेस तक की है।