त्यौहारी सीजन में पशु चर्बी से बने घी का हुआ मेरठ में भंडाफोड़

मेरठ। सरकार ने अवैध कमेलों पर लगाम लगाने की लाख कवायत भले ही हो लेकिन प्रदेश में जगह-जगह अवैध रूप से कमेला कारोबार दिन प्रतिदिन फलाफूलता जा रहा है। जिसके चलते लोग पशु चर्बी से बना घी खाने को मजबूर हैं और इससे बना घी बेचकर ये कारोबारी लाखों करोड़ों का नुनाफा कमा रहे हैं। बीते शाम गौ रक्षक राहुल ठाकुर की सटीक सूचना पर पुलिस ने मुर्दा मवेशी स्थल पर छापामार कर इस काले कारोबार का भांडाफोड किया।

सूचना पर पुलिस ने छापा मारकर भारी मात्रा में पशु चर्बी से र्निमित देसी घी व डेढ़ कुंतल मांस बरामद कर तीन लोगों को दबोचा
व कई आरोपी फरार हो गए। घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर चर्बी से घी बनाने के गोरखधंधे का भी पर्दाफाश हो गया। पुलिस ने दो बड़े फ्रीजर और दो ड्रम चर्बी मिला घी भी बरामद किया है। मांस के गोवंश मांस होने की आशंका जताई जा रही है।

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सोमवार को भाजपा पशुपालन प्रकोष्ठ के मेरठ महानगर उपाध्यक्ष व गौ रक्षक राहुल ठाकुर की सूचना पर फलवदा थाने के एसएसआइ मुकेश कुमार ने पुलिस टीम के साथ फलावदा स्थित जनता इंटर कालेज के पास स्थित मुर्दा मवेशी स्थल पर छापामारी की। पुलिस ने तीन आरोपियों को मौके से पकड़ लिया। उनके चार-पांच साथी भाग गए। घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर पुलिस पांच भट्ठियां दहकती मिलीं। इनमें चर्बी से घी बनाया जा रहा था।

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आरोपियों की पहचान उमर पुत्र फारूख, कासिम पुत्र युनूस और नसीम पुत्र रशीद निवासी फलावदा के रूप में हुई। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि चर्बी से तैयार घी को आसपास कस्बों के अलावा मेरठ के होटलों में भी सप्लाई किया जा रहा था। उधर, कार्रवाई के विरोध में कुरैशी बिरादरी के दर्जनों लोगों ने थाने पहुंचकर हंगामा किया। एसएसआइ मुकेश ने बताया कि बरामद मांस का नमूना परीक्षण के लिए भेजा जा रहा है। आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पूरे मामले में राहुल ठाकुर ने बताया कि काफी दिन से फलावदा में इस गोरखधंधे की सूचनाएं मिल रहीं थीं, लेकिन थाना पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही थी। पूरे प्रकरण से एसपी देहात प्रवीन रंजन सिंह को अवगत कराया तो उन्होंने कार्रवाई के आदेश दिए।

rahul-gaupta( राहुल गुप्ता:-संवाददाता)