मेरठ के ए टू जेड जमीन घोटाले में तत्कालीन एसडीएम समेत 5 के खिलाफ FIR

मेरठ। प्रदेश में रोज किसी ना किसी घोटाले का नाम आये दिन आता रहता है लेकिन अब एक नया घोटाला समाने आया है। मामला मेरठ का है पश्चिम उत्तर प्रदेश की सियासत में रसूखदार नेता से भी जुड़ा है। मामला मेरठ के सरधना इलाके की ए टू जेड कॉलोनी का है। जहां प्रशासन की मिली भगत के चलते एक बड़ा और बहुचर्चित करोड़ा की जमीन का घोटाला हुआ था अब मामले में नया मोड़ आया है। इस मामले में चली लम्बी जांच के बाद दोषी पाये गये अधिकारियों पर विभागीय संस्तुति के बाद प्राथमिकी मेरठ के सरधना थाने में दर्ज हुई है।

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इस मामले में प्रशासनिक शिकायतों के बाद जांच की गई । मामला सही पाया गया तो कार्रवाई की संस्तुति कर दोषियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करा दी गई। इस बाबत जब हमने सरधना के थाना प्रभारी से बात की तो उन्होने इस प्रकरण में एफआईआर दर्ज होने और इस मामले में तत्कालीन एसडीएम और कानूनगोग व तहसीलदार के नाम होने की बात बताई और कहा कि मामला दर्ज कर पुलिस अब इस प्रकरण पर जांच कर रही है।

क्या था ये पूरा घोटाला:-

मेरठ के राष्ट्रीय राजमार्ग के गांव सिवाया के पास एक सरकारी चारागाह की जमीन थी । जिसकी तकरीबन 20 हजार वर्गमीटर जमीन एक बिल्डर ने कब्जे में ले लिया । जिसकी बाजार में कीमत तकरीबन 30 करोड़ के आस-पास थी। इसके बाद इस पर ए टू जेड कॉलोनी का बाकायदा निर्माण भी शुरू कर दिया गया। इस पूरे प्रकरण के तार सूत्रों की माने तो पश्चिम उत्तर प्रदेश की राजनीति के एक बड़े सूरमा से भी जुड़े है। जो कि एक राष्ट्रीय पार्टी के नेता होने के साथ यहां पर बड़े रसूखदार भी हैं।