आखिर फिर सफेद हाथी बनी जननी सुरक्षा योजना

चित्रकूट। सरकार गर्भवती महिलाओं और उनके नवजात शिशुओं की सुरक्षा और कुशलता की व्यवस्था के लाख दावे करे, लेकिन सरकारी तंत्र सरकार के मनसूबों पर पानी फेरने का काम कर देता है। ताजा मामला उत्तरप्रदेश के चित्रकूट जिले का है जहां एक तरफ तो सरकार की जननी सुरक्षा योजना को तो झटका दिया ही गया साथ ही मानवता को भी शर्मसार किया गया है।

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ये घटना जिले के किसी गैर सरकारी संस्थान की नहीं बल्कि जिला अस्पताल की है, जहां पर सरकार की जननी सुरक्षा योजना का जमकर मखौल बनाया गया है। गर्भवती महिला को पहले तो भर्ती करने से मना कर दिया जिसके चलते प्रसव पीड़िता ने अस्पताल के गेट पर ही बच्चे को जन्म दे दिया। मामला चित्रकूट के कर्वी स्थित जिला अस्पताल का है। जहां एक 22 वर्षीय गर्भवती महिला अपने पति के साथ प्रवस पीड़ा होने पर भर्ती होने आई थी लेकिन जैसे ही अस्पताल के डॉक्टरों को प्रसव पीड़िता के पहले एक ऑपरेशन होने का पता लगा तुरंत ही डॉक्टरों ने पीडिता को अस्पताल के बाहर का रास्ता दिखा दिया। जिसके बाद दूसरी जगह जाने के लिए वाहन के इंतजार में प्रसूता ने बच्चे का अस्पताल के गेट पर ही जन्म दे दिया।

प्रसूता के बच्चे को गेट पर जन्म देने के बाद हरकत में आये अस्पताल प्रशासन ने आनन-फानन में जच्चा और बच्चा को भर्ती पर तिमारदारी की प्रक्रिया शुरू की। लेकिन सरकारी तंत्र की सरकार की योजनाओं को लेकर इस कदर उपेक्षा साफतौर पर सरकार की प्रसाशनिक संवेदनशीलता और रवैये पर एक बड़ा सवालिया निशान लगा रही है।