जीवन में खुशहाली के लिए होली के दिन अपनाएं ये टोटके

नई दिल्ली। रंगों से भरा होली का त्योहार सभी के जीवन में खुशियों के रंग भर देता है ऐसे में अगर आप अपनी जीवन के किसी अंधियारें को दूर करना चाहते है तो कुछ उपाय आपकी सहायता कर सकते है। लेकिन इनसे छुटकारा पाने के लिए आपको कुछ साधारण टोटको को अपनाना आपके काम को ज्यादा आसान रहेगा।

-होली की सुबह स्नान आदि से निवृत्त होकर उत्तर दिशा में मुंह करके बैठें। अब सामने किसी बर्तन में चार लघु नारियल व सातसुपारी को स्थापित करें। अब कुंकुम चावल से पूजा करके धूप-दीप करें व घी की दीपक जलाएं। जब तक जप चले तब तक दीपक जलते रहना चाहिए।जप करें-मंत्र- क्लीं जप कम से कम एक घंटे तक करें। अब शाम को होलिका दहन के वक्त उस सामग्री को आटे को लोई में लपेट कर होलिका में डाल दें। शीघ्र ही आपकी हर समस्या दूर हो जाएगी।

-होली की रात को सात कौडिय़ां व एक लघु शंख को मसूर की दाल की ढेरी पर स्थापित कर पूर्व दिशा में मुंह रख कर बैठ जाएं। अब मूंगे की माला से निम्न मंत्र का जप करें ऊँ गं गणपतये नम पांच माला जप होने पर समस्त सामग्री को होलिका दहन के वक्तहोलिका में डाल दें

-अगर आप अपने घर में नकारात्मक ऊर्जा से परेशान हैं तो जब होली जल जाए, तब आप होलिका की थोड़ी-सी अग्नि ले आएं। फिर अपने घर के आग्नेय कोण में उस अग्नि को तांबे या मिट्टी के पात्र में रखें। सरसों के तेल का दीपक जला दें इस उपाय से घर की सारी नकारात्मक ऊर्जा जलकर समाप्त हो जाएगी।

-होली के दहन वाली रात में घर में एक पटिया रखकर लाल कपड़ा बिछाकर उस पर 3 नारियल तथा श्री हनुमान यंत्र को विरा‍जित करें। फिर नारियल व यंत्र पर रोली से तिलक करके श्री हनुमान जी से अपने कष्ट का विवरण कहें। गुड़ का भोग लगाएं।शुद्ध घी के दीपक के साथ गुग्गल की धूप अर्पित करें तांबे की प्लेट पर रोली से “ॐ हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट्” मंत्र लिखकरतीनों नारियल जलती होली को अर्पण कर दें।


-होली की रात चंद्रमा के उदय होने के बाद अपने घर की छत पर या खुली जगह, जहां से चांद नजर आए, वहां खड़े हो जाएं। फिर चंद्रमा का स्मरण करते हुए चांदी की प्लेट में सफेद मिठाई तथा केसर मिश्रित साबूदाने की खीर अर्पित करें। चंद्रमा से समृद्धि प्रदान करने का निवेदन करें फिर लगातार आने वाली प्रत्येक पूर्णिमा की रात चंद्रमा को दूध का अर्घ्य दें बाद में प्रसाद बच्चों में बांट दें आर्थिक संकट दूर होकर समृद्धि निरंतर बढ़ रही है।


-होली की रात उत्तर दिशा में बाजोट (पटिए) पर सफेद कपड़ा बिछाकर उस पर मूंग, चने की दाल, चावल, गेहूं, मसूर, काले उड़द एवं तिल की ढेरी बनाएं। अब उस पर नवग्रह यंत्र स्थापित करें। घी का दीपक लगाएं एवं नीचे लिखे मंत्र का जाप करें। जाप स्फटिक की माला से करें। जाप:-
ब्रह्मा मुरारी स्त्रीपुरान्तकारी भानु शशि भूमि-सुतो बुधश्च।
गुरुश्च शुक्र शनि राहु केतव: सर्वे ग्रहा शांति करा भवंतु।।

-होलिका दहन से पूर्व एकाक्षी नारियल को लाल कपड़े में गेहूं के आसन पर स्थापित करें और सिंदूर का तिलक करें।जाप स्फटिक की माला से करें 21 माला जाप होने पर इस पोटली को दुकान में ऐसे स्थान पर टांग दें, जहां ग्राहकों की नजर इस पर पड़ती रहे। इससे व्यापार में सफलता मिलने के योग बन सकते हैं मंत्र- ऊं श्रीं श्रीं श्रीं परम सिद्धि व्यापार वृद्धि नम:

-होली के दिन सुबह एक साबूत पान पर साबूत सुपारी एवं हल्दी की गांठ शिवलिंग पर चढ़ाएं तथा पीछे पलटे बगैर अपने घर आ जाएं। यही प्रयोग अगले दिन भी करें। जल्दी ही आपके विवाह के योग बन सकते हैं।

-अगर आप किसी बीमारी से पीडि़त हैं, तो इसके लिए भी होली की रात को खास उपाय करने से आपकी बीमारी दूर हो सकती है। होली की रात आप नीचे लिखे मंत्र का जाप तुलसी की माला से करें।मंत्र- ऊं नमो भगवते रुद्राय मृतार्क मध्ये संस्थिताय मम शरीरं अमृतं कुरु कुरु स्वाहा

– होलिका दहन के वक्त आप आग में जौ-आटा भी चढा़इये, इससे घर के क्लेश मिटते हैं।