रांची वनडे: न्यूजीलैंड ने भारत को हरा श्रृंखला बराबर की

रांची। भारतीय टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धौनी के घर में खेले गए मैच में सब कुछ धौनी की इच्छा के विपरीत हुआ। इस मैच में वह बल्ले से भी खामोश रहे। न्यूजीलैंड ने बुधवार को झारखंड राज्य क्रिकेट संघ (जेएससीए) अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम में खेले गए चौथे एकदिवसीय मैच में भारत को 19 रनों से हरा दिया। इसी के साथ किवी टीम ने श्रृंखला 2-2 से बराबर कर ली, और अब 29 अक्टूबर को विशाखापट्नम में खेला जाने वाला श्रृंखला का अंतिम मैच फाइनल की तरह होगा, जो टीम जीतेगी श्रृंखला उसकी।

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किवी टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत को 261 रनों का लक्ष्य दिया, लेकिन मेजबान टीम लक्ष्य हासिल नहीं कर सकी और 48.4 ओवरों में 241 रनों पर ही ढेर हो गई।

उम्मीद थी कि अपने कप्तान के घर में भारत विजयी क्रम को जारी रखते हुए श्रृंखला में 3-1 से अजेय बढ़त ले लेगा, लेकिन किवी टीम ने यह मैच जीत श्रृंखला को रोमांचक मोड़ पर ला दिया है।

किवी टीम ने 84 गेंदों पर 12 चौकों की मदद से 72 रनों की पारी खेलने वाले मार्टिन गुप्टिल की बदौलत निर्धारित 50 ओवरों में सात विकेट के नुकसान पर 260 रन बनाए। गुप्टिल को मैन ऑफ द मैच चुना गया।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को अच्छी शुरुआत नहीं मिली। सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा (11) एक बार फिर टीम के लिए अहम योगदान नहीं दे पाए। उन्हें 19 के कुल योग पर टिम साउदी ने विकेट के पीछे कैच कराया। हालांकि दूसरे सलामी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे (57) जरूर लय में लौटे।

पहला विकेट जल्दी गिर जाने के बाद रहाणे ने लक्ष्य का पीछा करने में माहिर स्टार बल्लेबाज विराट कोहली (45) के साथ दूसरे विकेट के लिए 79 रन जोड़ टीम को कुछ हद तक संभाल लिया। रहाणे और कोहली ने संयम के साथ बल्लेबाजी की और 15.4 ओवरों में 5.04 की औसत से रन जोड़े।

रहाणे ने अपनी पारी में 70 गेंदों पर पांच चौके एवं एक छक्का लगाया। कोहली ने अपने अंदाज के विपरीत बल्लेबाजी की। उन्होंने 51 गेंदें खेलीं, जिसमें दो चौके एवं एक छक्का लगाया।

यह साझेदारी मेहमानों के लिए खतरनाक होती जा रही थी, लेकिन लेग स्पिनर ईश सोढ़ी ने कोहली को विकेट के पीछे बी. जे. वॉटलिंग के हाथों कैच करा किवी टीम को सबसे बड़ी सफलता दिलाई। 98 के कुल स्कोर पर कोहली के रूप में भारत का दूसरा विकेट गिरा।

जिम्मी नीशम ने 128 के कुल योग पर रहाणे को पगबाधा करते हुए उनके संघर्ष पर विराम लगाया। यहां से भारतीय पारी संभल नहीं सकी और ताश के पत्ते की तरह बिखर गई।

स्थानीय दर्शकों को चहेते धौनी भी अपने घरेलू मैदान पर कुछ खास नहीं कर सके और 11 रनों पर पवेलियन लौट गए।

भारतीय टीम का स्कोर एक समय 98 रनों पर दो विकेट था, लेकिन किवी गेंदबाजों ने अगले 69 रनों में भारत के पांच विकेट लेकर उनकी जीत की उम्मीद को लगभग खत्म कर दिया।

अंत में अक्षर पटेल (38) और अमित मिश्रा (14) ने आठवें विकेट के लिए 38 रनों की साझेदारी कर टीम को जीत दिलाने की कोशिश की, लेकिन दुर्भाग्यवश मिश्रा रन आउट हो गए।

धवल कुलकर्णी (25) ने आखिरी ओवरों में कुछ अच्छे शॉट खेल किवी टीम की धड़कनों को बढ़ा दिया। उन्होंने उमेश यादव (7) के साथ अंतिम विकेट के लिए 34 रनों की साझेदारी कर मैच को रोमांचक मोड़ दे दिया, लेकिन वह भारत को जीत नहीं दिला सके।

किवी टीम के लिए साउदी ने सर्वाधिक तीन विकेट अपने नाम किए। नीशम और ट्रेंट बाउल्ट को दो विकेट मिले। सोढ़ी और मिशेल सैंटनर को एक-एक विकेट मिला।

इससे पहले, बल्लेबाजी करने उतरी किवी टीम को शीर्ष क्रम ने अच्छी शुरुआत देते हुए मजबूत स्कोर की नींव रखी, लेकिन मध्य क्रम और निचले क्रम की विफलता के कारण वह बड़ा स्कोर खड़ा करने से वंचित रह गई।

गुप्टिल और टॉम लाथम (39) ने पहले विकेट के लिए 96 रन जोड़े। इसके बाद कप्तान केन विलियमसन (41) और रॉस टेलर (35) ने अहम योगदान देते हुए टीम के बड़े स्कोर की उम्मीदों को जिंदा रखा।

लेकिन इन चारों बल्लेबाजों के आउट होने के बाद भारतीय स्पिनरों ने किवी बल्लेबाजों पर पूरी तरह से अंकुश लगा दिया।

भारतीय स्पिनरों ने इस मैच में कुल 28 ओवर गेंदबाजी की और महज 3.82 की औसत से सिर्फ 107 रन खर्च किए। मिश्रा ने 10 ओवर में 4.20 की औसत से 42 रन दिए और दो विकेट लिए। वहीं, पटेल ने 10 ओवरों में 38 रन देते हुए एक विकेट लिया। पार्ट टाइम स्पिनर केदार जाधव इस मैच में विकेट तो नहीं ले सके, लेकिन उन्होंने अपने आठ ओवरों में सिर्फ 27 रन दिए।

पिछले मैच में अर्धशतक लगाने वाले नीशम इस मैच में सिर्फ छह रन ही बना सके। वॉटलिंग ने 14, एंटन डेविक ने 11, सैंटनर ने नाबाद 17 और साउदी ने नाबाद नौ रनों का योगदान दिया।

मिश्रा और अक्षर के अलावा भारत के लिए कुलकर्णी, उमेश, और पांड्या ने एक-एक विकेट लिया। न्यूजीलैंड का एक बल्लेबाज रन आउट हुआ।