राजकोट टेस्ट में क्रिज पर डटे रूट, अली

राजकोट। मैच के पहले हाॅफ में तीन विकेट गंवाने वाली इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच के पहले दिन बुधवार को दूसरे सत्र में शानदार वापसी की है। सौराष्ट्र क्रिकेट संघ क्रिकेट स्टेडियम में खेले जा रहे इस मैच के दूसरे सत्र में मेहमान टीम ने एक भी विकेट नहीं गंवाया है और चायकाल तक 64 ओवरों में तीन विकेट के नुकसान पर 209 रन बना लिए हैं। दिन के पहले सत्र में तीन विकेट लेने वाले भारतीय स्पिनर इस सत्र में मोइन अली (48 नाबाद) और जोए रूट (93 नाबाद) की जोड़ी को तोड़ नहीं पाए। दोनों के बीच चौथे विकेट के लिए अभी तक 107 रनों की साझेदारी हो चुकी है।

रूट ने अभी तक अपनी पारी में 144 गेंदों का सामना किया है और नौ चौके लगाए हैं। वहीं अली अभी तक 95 गेंद खेलते हुए चार चौके लगा चुके हैं। रूट ने इस मैच में एशिया में अपना सर्वाधिक स्कोर भी बनाया। इससे पहले उनका एशिया में सर्वाधिक स्कोर 88 रन था। इसके साथ ही उन्होंने इस साल टेस्ट क्रिकेट में अपने एक हजार रन भी पूरे कर लिए हैं। पहले सत्र में भारतीय स्पिन गेंदबाज रविचन्द्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा ने क्रमश: दो और एक विकेट लेकर इंग्लैंड को बैकफुट पर धकेल दिया था।

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टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड को एलिस्टर कुक (21) और पदार्पण मैच खेल रहे हासीब हमीद (31) ने अच्छी शुरुआत देने की कोशिश की। यह साझेदारी आगे बढ़ रही थी लेकिन जडेजा ने 47 के कुल स्कोर पर कप्तान कुक को पगबाधा आउट कर मेजबानों को पहली सफलता दिलाई। कप्तान के जाने के बाद हमीद ने रूट के साथ पारी को आगे बढ़ाया और दूसरे विकेट के लिए 29 रन जोड़े। हमीद को अश्विन ने अपना पहला शिकार बनाया। उन्होंने हमीद को 76 के कुल स्कोर पर आउट किया। रूट ने बेन डकेट (13) के साथ तीसरे विकेट के लिए 26 रन जोड़े। डकेट भोजनकाल से पहले अंतिम गेंद पर अश्विन का दूसरा शिकार बने।

दूसरे सत्र में अली ने रूट का साथ थामा और भारतीय गेंदबाजों को विकेट से महरूम रखा। रूट ने पहले अपना अर्धशतक पूरा किया। चायकाल से एक ओवर पहले उमेश यादव की गेंद रूट के पांव पर लगी, जिस पर भारतीय टीम ने पगबाधा की अपली की जिसे मैदानी अंपायर ने नकार दिया। भारतीय कप्तान विराट कोहली ने इस पर रिव्यू मांगा, लेकिन यह उनके खिलाफ ही गया और फैसला नहीं बदला गया। गौरतलब है कि इस श्रृंखला में निर्णय समीक्षा प्रणाली (डीआरएस) की उपयोग किया जा रहा है। यह भारत में खेली जाने वाली पहली टेस्ट श्रृंखला है, जिसमें डीआरएस का प्रयोग किया जा रहा है।