दिल्ली के खिलाफ जीत पुणे के पास एकमात्र विकल्प

पुणे। एफसी पुणे सिटी आज अपने घरेलू मैदान पर हीरो इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के तीसरे सीजन में शीर्ष पर चल रही दिल्ली डायनामोज का सामना करेगी। पुणे का मकसद इस मैच से पूरे अंक हासिल करते हुए खुद को सेमीफाइनल की दौड़ में बनाए रखना होगा। दिल्ली को छोड़कर और कोई भी टीम फिलहाल सेमीफाइनल तक पहुंचने को लेकर आश्वस्त नहीं दिख रही है। यह खुद पुणे के कोच हाबास भी मानते हैं। हाबास की देखरेख में एटलेटिको दे कोलकाता ने पहले सीजन का खिताब जीता था और दूसरे सीजन में सेमीफाइनल तक का सफर तय करने में सफल रही थी। हाबास हालात की गम्भीरता को अच्छी तरह समझते हैं। वह जानते हैं कि शीर्ष पर चल रही दिल्ली को हराने के बावजूद उनकी टीम के लिए सेमीफाइनल का सफर आसान नहीं होगा।

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पुणे के पास अभी 10 मैचों से 12 अंक हैं और वह तालिका में छठे स्थान पर है। सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए उसे हर हाल में दिल्ली के खिलाफ तीन अंक चाहिए। पुणे को कोलकाता और मुम्बई सिटी एफसी पर शानदार जीत मिली थी और इस जीत ने उसका मनोबल सातवें आसमान पर पहुंचा दिया था लेकिन चेन्नयन एफसी के हाथों अंतिम मैच में मिली हार ने उसका मनोबल एक बार फिर तोड़ दिया है। इसमें कोई शक नहीं कि दिल्ली इस समय लीग की सबसे अच्छी टीम है। हालांकि इससे कोच गियानलुका जाम्ब्रोता को कोई फर्क नहीं पड़ता। जाम्ब्रोता का यही मानना है कि उनकी टीम ने अब तक अपना प्राथमिक लक्ष्य हासिल नहीं किया है। जाम्ब्रोता ने हालांकि कहा है कि अगर उनकी टीम शुक्रवार को पुणे को हराने में सफल रही तो यह लक्ष्य उसके बिल्कुल करीब होगा। जाम्ब्रोता ने इस सीजन में अब तक अपनी टीम के प्रदर्शन पर खुशी जाहिर की है लेकिन शुक्रवार को उन्हें टीम के भारतीय खिलाड़ी मिलन सिंह की कमी खलेगी। मिलन को कोलकाता के साथ हुए मैच के दौरान पीला कार्ड दिखाया गया था। यह लीग में उनका चौथा पीला कार्ड था और इस तरह वह एक मैच के लिए स्वाभाविक तौर पर निलंबित हो गए।