डीआरएस अपनाने में अहम भूमिका अदा कर सकते हैं कुंबले

दुबई। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के महाप्रबंधक ज्योफ एलारडाइस ने गुरुवार को कहा कि भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच अनिल कुंबले डीआरएस प्रणाली अपनाने को लेकर अनिच्छुक भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को मनाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। एलारडाइस ने कहा कि बीसीसीआई जब इंग्लैंड के खिलाफ आगामी श्रृंखला में प्रायोगिक तौर पर डीआरएस को आजमाएगी, ऐसे में कुंबले उसे पूर्ण रूप से डीआरएस अपनाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। उल्लेखनीय है कि भारत और इंग्लैंड के बीच नौ नवंबर से शुरू हो रही पांच मैचों की टेस्ट श्रृंखला में बीसीसीआई प्रायोगिक तौर पर डीआरएस प्रणाली का उपयोग करेगी।

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इसके बाद अगले वर्ष फरवरी में आईसीसी एक बैठक करेगी, जिसमें डीआरएस के भविष्य में इस्तेमाल करने पर एक रूपरेखा तैयार की जाएगी। एलारडाइस ने फोन पर बताया, “वास्तविकता यह है कि कुंबले अपनी कोचिंग काबिलियत के बल पर भारतीय टीम के कोच नियुक्त किए गए हैं। हमने किसी प्रौद्योगिकी की जांच करने और उसे मान्यता प्रदान करने की जो प्रक्रिया रखी है और नवीन प्रौद्योगिकियों को लेकर कुंबले का जो व्यवस्थित दृष्टिकोण है, उसे देखते हुए उनकी भूमिका बेहद अहम होगी।” उन्होंने आगे कहा, “वह इस परियोजना के समर्थन में रहे हैं। वह पिछले वर्ष मई में हुई आसीसी की क्रिकेट कमिटी की बैठक में भी मौजूद थे। वह क्रिकेट कमिटी के दृष्टिकोण को जानते हैं और कमिटी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में लगातार उच्च प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल के पक्ष में है।”