रियो ओलम्पिक (मुक्केबाजी) : मनोज ने बनाई अंतिम-16 में जगह

रियो डी जनेरियो। भारतीय मुक्केबाज मनोज कुमार ने यहां जारी 31वें ओलम्पिक खेलों में 64 किलोग्राम वर्ग के प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है। मनोज ने गुरुवार को हुई इस स्पर्धा में लाइट वेल्टरवेट वर्ग में लिथुआनिया के इवालडास पेट्राउास को हराया। इवालडास ने लंदन ओलम्पिक में कांस्य पदक जीता था। मनोज ने तीनों राउंड में बेहतरीन प्रदर्शन कर जीत हासिल की। अगले दौर में मनोज का सामना उजबेकिस्तान के फजलुद्दीन जी. से 14 अगस्त को होगा। फजलुद्दीन ने अपने पहले मुकाबले में कोंगो के मालोंगा डी. को पराजित किया। रेफरियों ने यह मैच बीच में ही रोक दिया।

Manoj kumar

मनोज ने मुकाबले के बाद कहा, “मेरा विपक्षी खिलाड़ी काफी मजबूत था लेकिन मेरे मुक्कों में दम था। मैंने उसके मुक्कों के हिसाब से अपने खेल में तब्दीली की।”भारतीय मुक्केबाज ने कहा, “मेरे बड़े भाई राजेश कुमार ने बतौर कोच मुझे वह सबकुछ सिखाया, जो वह कर सकते थे। मेरे पास कोई ईश्वरीय प्रतिभा नहीं है। यह मेरे 20 साल के कठिन परिश्रम के बाद मैं यहां पहुंचा हूं। मैं अगले मैच में भी जीतूंगा।” मनोज और उनके प्रतिद्वंद्वी दोनों ही काफी आक्रामक थे। भारतीय मुक्केबाज से कद में छोटे होने के बाद भी इवालडास के चेहरे पर कोई चिंता का भाव नहीं था। वहीं, हरियाणा के मुक्केबाज ने भी अपने अच्छे कद का फायदा उठाया और अपने प्रतिद्वंद्वी को स्वयं पर हावी नहीं होने दिया।

इस मुकाबले के पहले राउंड के अंतिम क्षणों में हालांकि, इवालडास को मनोज पर थोड़ा हावी होते देखा गया लेकिन वह जीत हासिल नहीं कर सके। दूसरे राउंड की शुरुआत भी आक्रामक रही और दोनों मुक्केबाजों को काफी संघर्ष करते देखा गया। मुकाबले के तीसरे और अंतिम राउंड में भी मनोज ने अपनी रक्षात्मक और आक्रामक रणनीति का भरपूर फायदा उठाया और जीत हासिल की। भारतीय मुक्केबाजी टीम के मुख्य कोच गुरचरण सिंह संधू ने मनोज के प्रदर्शन की काफी तारीफ की। सिंह ने कहा, “मनोज का विपक्षी पावर पंचर है लेकिन मनोज ने खुद को उससे दूर बनाए रखा। वह जब भी उसके करीब गया, उसने अपने विपक्षी खिलाड़ी पर जोरदार प्रहार किए। मनोज ने शानदार खेल दिखाया।”