फिर निकला किसान आंदोलन का जिन्न

जयपुर। राजस्थान में एक बार फिर किसान आन्दोलन की आग लगने की सुबुगाहट महसूस की जाने लगी है। किसान महापंचायत संघ ने राज्य की वसुंधरा सरकार और केन्द्र की मोदी सरकार पर किसानों से वादी खिलाफी का आरोप लगाया है। जिसके बाद अब किसानों ने आने वाली 23 दिसम्बर को दिल्ली कूच का ऐलान भी कर दिया है।

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50 हजार किसान करेंगे दिल्ली कूच
इस आन्दोलन और दिल्ली चलो के आह्वाहन का नेतृत्व किसान नेता और भाजपा के पूर्व महामंत्री रामपाल जाट ने किया है। रामपाल ने इस बावत जानकारी देते हुए कहा कि इस आन्दोलन में 50 हजार किसान 23 दिसंबर को दिल्ली कूच करेंगे। जहां पर सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन कर सरकार की तंद्रा तोड़ किसानों से किए गये वादों की याद दिलाई जायेगी।

प्रदेश और केन्द्र सरकार ने किया नजरअंदाज
किसान नेता रामपाल जाट ने कहा कि किसानों के लिए भाजपा ने सत्ता में आने के पहले जो घोषणाएं की थी आज तक वो पूरी नहीं की गई हैं। अगर आज किसानों पर कर्ज है तो सरकार की नजरअंदाज नीति की वजह से है। ये केवल केन्द्र की सरकार की कमी नहीं बल्कि राज्य सरकार की भी कमी है जो लगातार किसानों को नजरअंदाज कर रही है।

सरकार किसानों को छोड़ विदेशी निवेश में लगी
किसान नेता ने केन्द्र और राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि किसान आज अपनी आवाज उठाने के लिए मजबूर हुआ है तो केवल सरकार की गलत नीतियों की वजह से किसानों का कहना है कि राज्य और केन्द्र में बीजेपी की सरकार है फिर भी किसानों की उपेक्षा दोनों जगह हो रही है। सरकार विदेशी निवेश में लगी है और किसानों के उत्पाद की कोई चिंता नहीं।

8 राज्यों के किसान संघों के साथ होगा आन्दोलन
सरकार से समर्थन मूल्य, खाद, बिजली और मुआवजा जैसी कई मांगों को लेकर किसानों ने कई बार सरकार से मांग की है लेकिन किसानों की आवाज सरकार तक नहीं पहुंच रही इसलिए अब वक्त आ गया है कि सरकार को करारा जबाब दिया जाये। जिसके लिए पंजाब, हरियाणा, उत्तरप्रदेश सहित आठ राज्य के किसान संघ के लोग शामिल होंगे। साथ ही केरल के हजारों किसानों के शामिल होने का भी दावा किया जा रहा है।