प्रदेश में कांग्रेस का धरना अकाली-भाजपा सरकार के बीच गुप्त समझौते का परिचायक-आप

चंडीगढ़। राज्य में जगह-जगह कांग्रेस की ओर से भाजपा और अकाली दल गठबंधन के खिलाफ चलाये जा रहे धरना प्रदर्शन पर आम आदमी पार्टी के संयोजक कन्वीनर गुरप्रीत घुग्घी ने निशाना साधा है । उन्होने दोनों पार्टियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि ये सब इनकी नूरा कुश्ती है। कांग्रेस द्वारा अकाली-भाजपा सरकार का विरोध बस मात्र दिखावा है ये जनता को दिखावा कर रहे हैं जब कि प्रदेश में दोनों ही पार्टियों के बीच एक गुप्त समझौता हुआ है।

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इंसाफ के लिए कोई पार्टी सीएम आवास पर धरना नहीं देती, और सीएम आवास पर इनती सुरक्षा के बीच धरना होना कांग्रेस और अकाली-भाजपा के गुप्त समझौते का परिचायक है। आखिर जब अन्य मामलों में पुलिस किसी को भी सीएम आवास तक फटकने नही देती तो कांग्रेस को ये सुविधा दिये जाने का क्या मतलब है। जबकि सीएम आवास पर धारा 144 लागू रहती है। लेकिन कांग्रेस के लिए वहां पूरी आजादी और छूट इनके गुप्त समझौते की वजह से ही है।

इसके बाद उन्होने कांग्रेस के प्रदेश मुखिया कैप्टन अमरिंदर सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि वे भले ही चिट्टा रावण के खिलाफ हों पर आखिर चिट्टा रावण कौन है ये खुलकर क्यों नही बोल रहे। उन्होने एक बार भी चिट्टा रावण के तौर पर पंजाब के राजस्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया का नाम तक नहीं लिया। कैप्टन लगातार मजीठिया को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। जबकि उनकी पार्टी लगातार मजीठिया के खिलाफ सीबीआई जांच कराने की मांग कर रही है।

विधानसभा सत्र की समाप्ति के बाद कांग्रेसियों ने अकालीदल की मदद से ही विभानसभा में दो दिन एक रात तक धरना दिया। वरना सभी जानते है बिना सरकार और स्पीकर की सहमति से सतच्र समाप्ति की घोषणा के बाद कोई भी विधानसभा में नही रूक सकता। कांग्रेस की ये सभी कारगुजारियां उसके और भाजपा-अकालीदल सरकार के बीच हुए गुप्त समझौते की वजह से ही सम्भव हो पा रही हैं। उनका मकसद है कि आप को सत्ता से किसी भी तरह रोका जाये और जनता के बीच केवल कांग्रेस और अकालीदल-भाजपा का संघर्ष की दिखाया जाये।