सीमावर्ती इलाकों में किसानों को फसल काटने की अनुमति

चंड़ीगढ़। भारत-पाकिस्तान सीमा पर जारी तनाव के बावजूद पाकिस्तान के साथ सटे पंजाब के सीमावर्ती इलाकों के किसानों को धान की फसल की कटाई करने की इजाजत दी जाएगी। मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के कार्यालय के एक प्रवक्ता ने रविवार को कहा कि बादल ने केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से इस बारे में बात की है ताकि सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को किसानों को फसल कटाई की इजाजत देने के लिए जरूरी निर्देश जारी किए जा सकें। राज्य में धान की फसल कटने के लिए लगभग तैयार है और अगले 10 दिनों के भीतर कटाई की जानी जरूरी है।

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भारतीय सेना द्वारा नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पार किए गए सर्जिकल स्टाइक के बाद पाकिस्तान की ओर से जवाबी कार्रवाई की आशंका के चलते गुरुवार को पंजाब के सीमावर्ती जिलों के करीब 1,000 गांवों के 4,00,000 से भी अधिक लोगों को गांव खाली करने को कहा गया था। प्रवक्ता ने कहा, किसानों के लिए उनकी फसल उनके बच्चों की तरह प्रिय होती है और वे इसकी क्षति को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं कर सकते। बादल ने इस मुद्दे पर राजनाथ सिंह से बात की, जिन्होंने बीएसएफ को सीमावर्ती इलाकों के किसानों को फसल की कटाई की अनुमति देने का तत्काल निर्देश दिया है।

प्रवक्ता ने कहा कि भारत सरकार ने उन किसनों को भी अपनी फसल काटने और उठाने की अनुमति दे दी है, जिनके खेत कंटीली बाड़ के दूसरी ओर हैं। सीमावर्ती क्षेत्र में कई किसानों के खेत कांटेदार तार की बाड़ के पार हैं, जिसे 1990 के दशक में लगाया गया था। किसान वहां बीएसएफ की निगरानी में खेती करते हैं। बादल ने शनिवार को सीमावर्ती गांवों का दौरा किया था। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने केंद्र सरकार की सलाह पर सीमावर्ती क्षेत्रों के गांव खाली करा लिए हैं।