ज्योतिष गणना से बन रही अकाली दल की सरकार

चंडीगढ़। पंजाब विधान सभा चुनाव का चुनावी बिगुल बज चुका है। सभी दलों ने कमर कस ली है। सत्ताधारी अकाली दल और भाजपा गठबंधन, आम आदमी पार्टी व कांग्रेस को लेकर कयासों के दौर जारी हैं। ओपीनियन पोल की माने तो इस बार सरकार में सत्ताधारी दल की वापसी की गुंजायिश नहीं दिख रही है। लेकिन पंजाब में एक वर्ग आज भी अकाली दल के साथ खड़ा नजर आ रहा है।

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ये वर्ग लगातार पंजाब में अकाली दल की वापसी की बात पर जोर दे रहा है। हाल में देश के कई मशहूर ज्योतिष आचार्यों ने चंडीगढ़ में ज्योतिष प्ररांगण की ओर से किए जा रहे कार्यक्रम ऊर्जा में भाग लेते हुए पंजाब विधानसभा चुनाव के मुद्दे पर अपनी अपनी ज्योतिष गणना के अनुसार राय रखी।

ज्यादातर राय अकाली दल के पक्ष में अधिक संभावनाएं व्यक्त कर रही हैं।ज्योतिष आचार्य राधेश्याम ने कहा कि उन्होंने पंजाब के सभी मुख्य नेताओं की कुंडलियों की गणना की है। इसके बाद उनका कहना है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह के सितारे कमजोर हैं कांग्रेस का सत्ता में आना बहुत मुश्किल है। लेकिन अगर उन्हें नवजोत सिंह सिद्धू का साथ मिल जाता है तो कांग्रेस अकाली दल को कड़ी टक्कर देगी।

अगर सिद्धू ने कांग्रेस से हाथ नहीं मिलाया तो एक तो वो पंजाव में अपना कद खो देंगे साथ ही कांग्रेस का भी जनाधार गिरेगा और आप एक मजबूत स्थिति में उभर सकती है। लेकिन फिर भी अकाली दल को टक्कर देना किसी के बूते की बात नहीं है। वहीं पंडित ब्रजभूषण शर्मा की गमना के अनुसार अगर पंजाब में अकाली सरकार आ जाती है तो इस बात के भी प्रबल संभावना है कि अकाली सरकार पूरे पांच साल तक नहीं चल पाएगी। ऐसे में पंजाब में राष्ट्रपति शासन भी लग सकता है और मध्यवर्ती चुनाव भी हो सकते हैं।

इस ज्योतिष के बड़े समागम में आचार्य राधेश्याम, पंडित ब्रजभूषण के अलावा डॉ अनिल वशिष्ठ महाराज, केजी थापर, अक्षय शर्मा, और डॉ एन श्रीनिवासन शास्त्री ने भी हिस्सा लिया।