मजे के लिए करते हैं काम, क्रांति के लिए नहीं: अमिताभ

नई दिल्ली। अपने गेम शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ से टेलीविजन जगत में एक नई क्रांति लाने वाले हिंदी फिल्म जगत के ‘एंग्री यंग मैन’ मेगास्टार अमिताभ बच्चन का कहना है कि वह परिवर्तन के लिए काम नहीं करते। अमिताभ अपनी ‘शोले’, ‘जंजीर’, ‘अभिमान’, ‘दीवार’ , ‘शहंशाह’, ‘पा’ और ‘पीकू’ जैसी शानदार फिल्मों के दम पर पिछले पांच दशकों से सिनेमा जगत पर राज कर रहे हैं।

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राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता को उनके आकर्षक लंबी कद-काठी, गहरी आवाज के लिए जाना जाता है और उन्होंने ‘एस्ट्रा फोर्स’ में एस्ट्रा नामक किरदार के लिए अपनी आवाज दी है, जो एक पौराणिक नायक है। इसे एक नया क्रांतिकारी कदम माने जाने के बारे में मुंबई से आईएएनएस को फोन पर दिए बयान में अमिताभ ने कहा, “हमने कभी किसी भी क्रांति के लिए काम नहीं किया। हम काम करते हैं, क्योंकि इसमें आनंद आता है और आशा है कि लोगों को यह पसंद आएगा।”

अमिताभ का मानना है कि जब भी कुछ नया किया जाता है, तो इसमें कोई न कोई शंका रहती है। अभिनेता ने कहा, “ग्राफिक इंडिया मेरे साथ किसी एक किरदार के लिए काम करना चाहता था। सुपरहीरो के हावभाव मेरी छवि से मेल खाते थे और इसलिए इसे मेरे हावभाव और आवाज दी गई।”

‘एस्ट्रा फोर्स’ ग्राफिक इंडिया और डिज्नी चैनल की एनिमेशन सीरीज है, जिसमें आठ साल की उम्र के भाई-बहन नील और तारा की रोमांच से भरी कहानियों को दर्शाया जाएगा। ये दोनों अनजाने में एक लंबे समय बाद एस्ट्रा को जगा देते हैं। बॉलीवुड के 74 वर्षीय अभिनेता ने कहा कि इस सीरीज में बच्चे और एस्ट्रा कई एलियनों से मिलते हैं और दिन के अंत में बुरी शक्तियों से जीतने के संदर्भ में एक संदेश देता है।

भारतीय समाज में समाई हुई बुराइयों के बारे में अमिताभ ने कहा कि यहां गरीबी जैसी कई समस्याएं हैं। इससे बाहर निकलने की जरूरत है। राष्ट्र को स्वच्छ रखने की जरूरत है।