वीडियो: क्या कैराना एवं निर्भय यात्रा को शोरगुल में दर्शाया गया है ?

यह देखना दिलचस्प होता जा रहा है कि कैसे जिम्मी शेरगिल-आषुतोश राणा जैसे सितारों से सजी फिल्म शोरगुल जो 24 जून को सिनेमाघरों में प्रदर्षित होने जा रही है, यह वास्तविक समय की राष्ट्रीय खबरों में एक नया मोड़ लाकर फिल्म के राजनीतिक संदर्भ को खोजने के साथ नास्त्रेदमस के राजनीतिक नाटक में अपने को रूपांतरित करते जा रही है।

हाल ही में फिल्म के एक दृश्य में जो ऑनलाइन देखा गया जिसे नरेन्द्र झा ने बताया (पर्दे पर कौन से चरित्र हैं, आलम खान के चरित्र को राजनीतिक नेता आजम खान से प्रेरित होने का अनुमान लगाया गया है), जो एक जोरदार भाषण जो सीधे तौर पर कैराना मुद्दे से संबंधित था दे रहे थे। जबकि वास्तविक जीवन में कैराना एक कानून एवं व्यवस्था के मुद्दे का चेहरा है, इसे धार्मिक अर्थ के माध्यम से एक साम्प्रदायिक रंग देने के लिए संलग्न किया जा रहा है। कैसे एक फिल्म की शूटिंग के रूप में शायद एक साल पहले इस फिल्म के एक चरित्र (नरेन्द्र झा) ने कैराना के संदर्भ सीधे तौर पर अपने को जोड़ा है।

फिल्म के ट्रेलर के रिलीज होने के बाद से इस बात को लेकर खलबली मची है कि कैसे जिम्मी शेरगिल (फिल्म में रणजीत ओम का किरदार) द्वारा एक राजनीतिक नेता संगीत सोम के चरित्र के समान किरदार निभाया गया है, जो अतीत में मुजफ्फर नगर दंगों से जुड़े हुए हैं। फिल्म में अपने चरित्र का नकारात्मक चित्रण होने से निराश होकर संगीत सोम द्वारा एक जनहित याचिका फिल्म निर्माताओं के खिलाफ दायर की गई है जिसमें उन्होंने इस फिल्म पर प्रतिबंध की मांग की है। जबकि जिमी शेरगिल द्वारा लगातार इस बात का खण्डन किया गया है कि उनका चरित्र किसी बायोपिक का चित्रण करता है, रील लाइफ और वास्तविक जीवन के बीच अधिक समानता से पैदा होने वाले विवाद के मद्देनजर फिल्म में कुछ नवीन दृष्यों को डाला गया है।

संगीत सोम द्वारा हुकुमसिंह के मना करने के अनुरोध के बाद भी कैराना जिले में निर्भया यात्रा मार्च के आयोजन की घोषणा की गई है। कैराना में मुजफ्फर नगर जैसे दंगे भड़कने का खतरा मंडरा रहा है और शोरगुल इन सारे मुद्दों को बड़े पर्दे पर प्रदर्षित करेगी। देखिये कैसे जिमी शेरगिल का चरित्र इस फिल्म मे प्रभावित क्षेत्रों के लिए जाता है।