ऐम्बुलेंस के इंतजार में गई प्रोफेसर की जान

अलीगढ़। ऐम्बुलेंस की व्यवस्था नहीं हो पाने की स्थिति मे एएमयू के 64 वर्षीय प्राफेसर डी मूर्ति का निधन हो गया। बताया जाता है कि प्रोफेसर की तबीयत खराब होने के बाद करीब 6 घंटे तक ऐम्बुलेंस की व्यवस्था नहीं हो पाई जिसके चलते उनकी मौत हो गई। इस प्रकार की घटना ने एक बार फिर से कई सारे सवालिया निशान लगा दिए हैं। प्रदेश सरकार लगातर स्वास्थ्य सेवाओं के सुचारु व्यवस्था और ऐम्बुलेंस की उपलब्धता के बारे में बताती रहती है, पर जिस तरह से चिकित्सा सेवाओं के अभाव में प्रो की मौत हुई है, घटना झकझोरने वाली है।
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आपको बताएं कि प्रोफेसर डी मूर्ति 64 साल के थे, और पिछले रविवार को ही उनकी सर्जरी की गई थी। सर्जरी के बाद अचानक उनकी तबीयत खराब हुई। प्रो उस समय जेएनएमसी में भर्ती थे, मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों की टीम नें उन्हे दिल्ली ले जाने की सलाह दी। जिसके बाद ऐम्बुलेंस की व्यवस्था हो पाने मंे करीब 6 घंटे का समय बरबाद हुआ जिससे प्रोफेसर की जान चली गई।

इस मामले में वाइस चांसलर का कहना है कि यह गलती डॉक्टरो की तरफ से नहीं बल्कि प्रशासनिक अधिकारियों की तरफ से हुई है, कागजी कार्यवाही समय से ना पूरी हो पाने के कारण ऐम्बुलेंस की व्यवस्था जल्दी नहीं की जा सकी। साथ ही वाइस चांसलर ने कहा है कि मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया गया है, और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।