मप्र में उद्योगपतियों को मिलेगी करों में छूट : शिवराज

इंदौर| मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य में निवेश करने के इच्छुक निवेशकों को बड़ी राहत देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू होने के बावजूद उद्योगपतियों को करों में दी जा रही वर्तमान छूट जारी रहेगी। इंदौर में ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट से पूर्व शुक्रवार रात मुख्यमंत्री चौहान ने सीईओ कांक्लेव में कहा कि मध्य प्रदेश शांति का द्वीप है। प्रदेश सरकार द्वारा सिटीजन चार्टर लागू कर शासन की सभी प्रक्रियाओं को समय सीमा में पूरा करने की व्यवस्था की गई है। औद्योगिक निवेश के लिए प्रदेश में एकल खिड़की प्रणाली लागू की गई है। प्रदेश में निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं। मध्य प्रदेश की औद्योगिक विकास दर 10 प्रतिशत और विकास दर 20 प्रतिशत से भी अधिक है।

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उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश सरकार की औद्योगिक नीति निवेशकों के अनुकूल (इंवेस्टमेंट फ्रेंडली इंडस्ट्रियल पॉलिसी) है। प्रदेश सरकार और वह स्वयं निवेशकों के स्वागत के लिए तैयार है।उन्होंने उद्योगपतियों को विश्वास दिलाया कि वह स्वामी विवेकानंद के शिष्य हैं और जो कहते हैं, वही करते हैं। निवेशक विश्वास के साथ मध्य प्रदेश में आएं, सरकार उनके स्वागत के लिए तैयार खड़ी है।

मुख्यमंत्री ने चर्चा के दौरान कहा कि प्रदेश में कुल सवा लाख हेक्टेयर का भूमि बैंक है, जिसमें 50 हजार हेक्टेयर विकसित भूमि है। इतना ही नहीं, केंद्र सरकार से कानून में संशोधन करने का आग्रह किया जा रहा है, ताकि किसान अपनी जमीन उद्योगों को लीज पर दे सकें।उन्होंने बताया कि फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियों को शत प्रतिशत वैट का पुनर्भुगतान किया जाएगा।इस मौके पर उद्योग मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि आज देश में निवेश की बात होती है तो मध्य प्रदेश का नाम सबसे पहले लिया जाता है। प्रदेश में सु²ढ़ अधोसंरचना तैयार की गई है। उद्योगों को सड़क, पानी, बिजली जैसी सभी सुविधाएं सरकार द्वारा तत्परता के साथ औद्योगिक इकाइयों को उपलब्ध कराई जाएगी।

इस अवसर पर प्रदेश के वित्त मंत्री जयंत मलैया, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग राज्य मंत्री संजय पाठक, मुख्य सचिव अंटोनी डिसा, औद्योगिक समूह हिंदूजा ग्रुप के चेयरमेन जी़ पी़ हिंदूजा, आदित्य बिरला ग्रुप के कुमार मंगलम बिरला, वीडियोकॉन ग्रुप के वेणुगोपाल एऩ धूत, सीमेंस लिमिटेड के सुनील माथुर, इंफोसिस ग्रुप के गोपालकृष्णन, अपोलो ग्रुप की शोभना सहित विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के सीईओ और सह आयोजक देशों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।