विश्वस्तर पर भारतीय अर्थव्यवस्था की हो रही है चर्चाएंः जेटली

नई दिल्ली| केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मंगलवार को कहा कि दुनिया में संरक्षणवाद की मांग के बावजूद भारत अपनी अर्थव्यवस्था को और खोलने का प्रयास कर रहा है। जेटली ने यहां ब्रिटेन-भारत टेक समिट में कहा, “आज हमारी अर्थव्यवस्था में विस्तार हो रहा है। हम अपनी अर्थव्यवस्था को और खोलने का प्रयास कर रहे हैं। भारत की आवाज दुनिया में सुनी जा रही है।

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जेटली ने कहा, “दुनियाभर की अर्थव्यवस्थाओं में संरक्षणवाद की ओर बढ़ने पर जोर दिया जा रहा है। लेकिन, हमारे देश में संरक्षणवाद के लिए स्वर नहीं उठ रहे हैं। यह चार दिवसीय शिखर सम्मेलन भारतीय उद्योग परिसंघ और विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा भागीदार देश के रूप में ब्रिटेन के साथ आयोजित किया जा रहा है। जेटली ने कहा, “ब्रिटेन अब यूरोप से बाहर की दुनिया की ओर देख रहा है और वह भारत जैसे देशों को अपने सबसे बड़े व्यापारिक भागीदार के रूप में देख रहा है।उन्होंने कहा कि व्यापार, शिक्षा और संस्थानों की विरासत भारत-ब्रिटेन के समग्र रिश्ते की ताकत है।

उन्होंने कहा, “हम इस रिश्ते को और ऊंचे स्तर पर ले जाने का प्रयास कर रहे हैं। वित्त मंत्री ने भारत के तेज आर्थिक विकास की ओर ध्यान आकर्षित किया। जेटली ने कहा कि भारत-ब्रिटेन टेक सम्मेलन दोनों देशों के बीच संयुक्त उपक्रमों और साझेदारियों के अवसर पैदा करेगा। जेटली ने ब्रिटेन के प्रौद्योगिकीय नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि भारत का जनशक्ति संसाधन ऐसा प्रतिस्पर्धी कौशल विकसित कर रहा है, जिसे ब्रिटेन द्वारा उपयोग किया जा सके।

ब्रिटेन के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मंत्री लियाम फॉक्स ने कहा कि भारत और ब्रिटेन सर्वोत्तम साझेदार हैं। लियाम ने कहा, “आज हम भारत को यह साबित करने आए हैं कि हम आर एंड डी (अनुसंधान और विकास), प्रौद्योगिकी, विज्ञान और शिक्षा में सर्वोत्तम हैं। लियाम ने कहा कि  (यूरोपीय संघ से अलग होना) ब्रिटेन के लिए एक नया अवसर है।उन्होंने कहा कि व्यापार की बाधाओं को दूर करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों का एक नया कार्यसमूह बनाया गया है।