स्वच्छता रोजाना के जीवन का हिस्सा होना चाहिए : नड्डा

नई दिल्ली| केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा ने रविवार को गांधी जयंती के अवसर पर स्वच्छता पर जोर दिया और कहा कि इसे ‘एक बार की गतिविधि’ नहीं बल्कि हमारे ‘दैनिक जीवन का हिस्सा होना चाहिए’। स्वास्थ्य मंत्री नड्डा स्वच्छ भारत अभियान के तहत दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में बोल रहे थे। अस्पताल के सफाईकर्मियों के योगदान की सराहना करते हुए नड्डा ने कहा, “स्वच्छता एक सामाजिक आंदोलन होना चाहिए। स्वच्छता एवं सफाई व्यवस्था के बारे में जागरूकता इस देश के हर गांव तक पहुंचनी चाहिए। स्वच्छता एवं सफाई एक बार की गतिविधि नहीं बल्कि हमारे रोजमर्रा के जीवन का हिस्सा होना चाहिए। सभी अस्पतालों एवं सरकारी स्वास्थ्य सुविधाएं पूरे वर्ष स्वच्छता एवं स्वास्थ्य को बरकरार रखने के प्रयत्न के रूप में होनी चाहिए”।

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नड्डा ने श्रमदान किया और पिछले साल शुरू की गई स्वास्थ्य मंत्रालय की पहल ‘कायाकल्प’ की याद दिलाई। उन्होंने कहा, “यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के पीछे के नजरिया और दर्शन को लागू करने के अलावा सरकारी स्वास्थ्य सुविधा केंद्रों में स्वास्थ्य विज्ञान और स्वच्छता के प्रोटोकॉल को तय करता है। उन्होंने कहा, ” कायाकल्प सिर्फ शारीरिक स्वच्छता पर लागू नहीं होता बल्कि जैविक कचरे के निस्तारण या मूल मसविदा तैयार करने जैसी गतिविधियों के लिए एक व्यवस्था एवं प्रक्रिया विकसित करने व लागू करने के लिए है।मंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि इस वर्ष केंद्र सरकार और 26 राज्यों के जिला अस्पतालों को कायाकल्प पुरस्कार दिया जाएगा।

केंद्र सरकार के अस्पताल की श्रेणी में पहला पुरस्कार चंडीगढ़ स्थित पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एवं रिसर्च (पीजीआईएमईआर) को दिया जाएगा। दूसरा पुरस्कार दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) को और तीसरा पुरस्कार शिलांग स्थित नॉर्थ ईस्टर्न इंदिरा गांधी रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एंड मेडिकल साइंसेज (एनईआईजीआरआईएचएमएस) को दिया जाएगा।