कांग्रेस ने अरुणाचल में पार्टी के विलय के दावे को बताया गलत

नई दिल्ली| कांग्रेस ने मंगलवार को चुनाव आयोग को एक ज्ञापन देकर कहा कि पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल (पीपीए) का कांग्रेस की राज्य इकाई का उसके साथ विलय का प्रस्ताव गलत और अवैध है। पार्टी ने यह भी आग्रह किया है कि आयोग इस मामले की जांच करे और आदेश जारी करे कि इस तरह का कोई ‘विलय नहीं हुआ है।’ज्ञापन देने वाले कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व अरुणाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री नबाम टुकी ने किया।

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ज्ञापन में कहा गया है कि अरुणाचल प्रदेश की कांग्रेस कमेटी की इस तरह की कोई बैठक नहीं हुई। इसके फैसले के बारे में पीपीए का दावा निराधार और गलत है। कांग्रेस या उसकी राज्य इकाई द्वारा पीपीए में विलय के बारे में कोई निर्णय नहीं लिया गया है। इसमें कहा गया है कि कानूनी दृष्टि से भी विलय का दावा टिक नहीं सकता। यह चुनाव चिन्ह (आरक्षण एवं आवंटन) आदेश 1968 के उलट है।

ज्ञापन में कहा गया है कि पीपीए ने 16 सितम्बर के एक प्रस्ताव का हवाला दिया है जिसमें दावा किया गया था कि अरुणाचल प्रदेश में कांग्रेस के नेताओं और पदाधिकारियों की संयुक्त बैठक हुई जिसमें 43 विधायक मौजूद थे और उन्होंने पीपीए के साथ विलय का निर्णय लिया। जबकि सच्चाई यह है कि अरुणाचल प्रदेश विधानसभा में पीपीए की सदस्यता शून्य है।