हर अवसर के लिए तैयार हूं: विजेंदर

नई दिल्ली। पेशेवर मुक्केबाजी में धाक जमा चुके भारत के ओलम्पिक पदक विजेता मुक्केबाज विजेंदर सिंह ने सोमवार को कहा कि चाहे वह मुक्केबाजी हो या मनोरंजन वह मिलने वाले हर अवसर के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

Vijendar Singh

पेशेवर मुक्केबाजी में कदम रखने के बाद अपने सारे प्रतिद्वंद्वियों को नॉक आउट कर चुके विजेंदर अब अपने घरेलू दर्शकों के सामने 16 जुलाई को आस्ट्रेलियाई मुक्केबाज कैरी होप के खिलाफ विश्व मुक्केबाजी संगठन (डब्ल्यूबीओ) एशिया पैसिफिक सुपर मिडिलवेट चैम्पियनशिप का खिताबी मुकाबला खेलेंगे।

टेलीविजन पर अपनी अभिनय प्रतिभा दिखा चुके विजेंदर ने आईएएनएस को दिए साक्षात्कार में कहा, “मुझे टेलीविजन पसंद है। जहां मुझे अवसर मिलता है, वह मैं कर लेता हूं। फिर चाहे वह कुछ भी हो।”

विजेंदर मनोरंजन जगत में भी सक्रिय रहे हैं। उन्हें पिछली बार 2014 में आई फिल्म ‘फगली’ में देखा गया था। इसके अलावा वह टेलीविजन शो ‘रोडीज’ और ‘एमटीवी रियलिटी’ में भी निर्णायक की भूमिका निभा चुके हैं।

एशियन खेलों-2006 में कांस्य पदक विजेता रहे विजेंदर ने हालांकि होप से होने वाले मुकाबले के बारे में कोई सीधा जवाब नहीं दिया और कहा, “मुकाबला काफी रोमांचक होगा। आप आईए और देखिए। आपको काफी आनंद आएगा।”

पूर्व यूरोपियन मिडिलवेट चैम्पियन होप के पास 30 मुकाबलों का अनुभव है और उन्होंने इनमें से 23 मुकाबलों में जीत हासिल की है। होप के पास विजेंदर से कहीं ज्यादा 183 राउंड का अनुभव है।

होप जैसे अनुभवी प्रतिद्वंद्वी से होने वाले मुकाबले की तैयारी के बारे में विजेंदर ने कहा, “तैयारी काफी अच्छी है। यह मुकाबला 10 राउंड का है, तो इसके लिए मैंने काफी प्रशिक्षण लिया है। मैं तैयार हूं।”

बीजिंग ओलम्पिक-2008 में कांस्य पदक जीतने वाले विजेंदर से जब पूछा गया कि एक प्रतिद्वंद्वी के रूप में वह होप के बारे में क्या सोचते हैं? उन्होंने कहा, “अभी मैं कुछ नहीं कह सकता। जब मुकाबला होगा तब देखेंगे।”

होप से होना वाला मुकाबला कितना मुश्किल होगा? इस बारे में विजेंदर ने कहा, “देखते हैं। यह समय और स्थिति पर निर्भर है। मुझे, तो नहीं लगता।”

अंतर्राष्ट्रीय मुक्केबाजी महासंघ (एआईबीएफ) द्वारा पेशेवर मुक्केबाजों को ओलम्पिक खेलों में हिस्सा लेने की अनुमति दिए जाने पर हरियाणा के निवासी 30 वर्षीय विजेंदर ने कहा, “यह काफी अच्छा कदम है। मेरे साथ जो विवाद हुआ कि सरकारी कर्मचारी होने के नाते मुझे पेशेवर मुक्केबाज के रूप में अंतर्राष्ट्रीय मुकाबलों में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं मिल रही थी, ऐसी स्थिति का सामना अन्य पेशेवर मुक्केबाजों को नहीं करना होगा।”

(आईएएनएस)