वायरल फीवर को हल्के में न लें…हो सकता है चिकनगुनिया !

नई दिल्ली। चिकनगुनिया का प्रकोप न केवल दिल्ली एनसीआर बल्कि पूरे उत्तर भारत में जारी है। जहां देखो वहां पर लोग इस बीमारी के चलते कई दिनों से अस्पतालों के चक्कर काटते नजर आ रहे है। अगर पिछले साल की बात करें तो दिल्ली में डेंगू से कई लोगों की मौत हो गई थी लेकिन इस बार डेंगू की तुलना में चिकनगुनिया काफी फैलता जा रहा है। हालांकि डॉक्टरों द्वारा शुरुआत में कहा गया कि ये बीमारी बिल्कुल भी जानलेवा नहीं है लेकिन कुछ दिन पहले इस बीमारी के चलते कई लोगों की मौत हो गई जिससे लोगों में दहशत का महौल सा बन गया है।

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चिनकगुनिया के बढ़ते मामलों के चलते भारत खबर ने फोन पर अपोलो अस्पताल के फिजीशियन डॉक्टर सुरजीत त्रिपाठी से बात की। इस बातचीत के दौरान भारत खबर ने चिकनगुनिया से जुड़े कई सवाल पूछे और जानने की कोशिश की आखिर इस बीमारी के क्या लक्षण है और घुटने की सूजन के लिए उपयुक्त क्या उपचार किया जाए?

चिकनगुनिया के लक्षण दिखने पर डॉक्टर से करें संपर्क:-

फिजीशन सुरजीत त्रिपाठी ने बताया कि चिकनगुनिया की वजह से ज्वाइंट में पेन, सूजन और बुखार की समस्या ज्यादातर लोगों को हो रही है। इसलिए सबसे जरुरी है कि आप अपने लोकल फिजीशियन से तुरंत कान्टेक्ट करें। लेकिन खुद किसी भी तरह की दवा लेने से बचे। इसके साथ ही बुखार आने पर केवल पैरासिटामॉल की दवाई को ही ले वो भी सिर्फ डॉक्टर के सुपरविजन में।

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3 महीने से ज्यादा समय तक ज्वाइंट पेन होने पर कराएं जांच:-

इसके साथ ही उन्होंने बताया कि अगर किसी के ज्वाइंट में पेन है तो वो फिजियोथेरेपिस्ट को भी दिखा सकते है। इसके साथ ही मार्किंट में मौजूद किसी भी ऑइनमेंट को आप अपने घुटने में लगा सकते है। लेकिन अगर आपके घुटने में दर्द को तीन महीने से ज्यादा का समय हो जाता है तो आपको अतिरिक्त जांच करानी पड़ सकती है। कई बार अन्य वजहों से भी ज्वाइंट पेन हो सकता है जिसके चलते जांच कराना  काफी अहम हो जाता है।

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फिजीशियन के सुपरविजन में ही करें घरेलू उपचार का इस्तेमाल:-

चिकनगुनिया के बढ़ते मामलों ने लोगों में कई तरह की अफवाहें भी फैल रही है जिनमें से एक है घरेलू उपचार। वहीं डॉक्टर त्रिपाठी ने कहा कि हमारे साइंस में तो इस तरह की किसी बात का जिक्र नहीं किया गया है। लेकिन अक्सर ऐसे कई मरीज आते है और घरेलू उपचार करने की बात करते है। अगर किसी भी तरह का प्रेस्क्राइब ऑफ ट्रीटमेंट सुपरविजन में किया जाए या फिर क्वालीफाइड लोग इलाज कर रहे है तो उसमें कोई दिक्कत नहीं है।

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चिकनगुनिया के लक्षण:-

चिकनगुनिया एक वायरल बीमारी है। जिसमें तेज बुखार, ज्वाइंट पेन, शरीर में रैशेज पड़ना, कपकपी होना जैसे सामान्य लक्षण शामिल है। इसके साथ ही डॉक्टर ने बताया लेकिन अगर इस तरह के लक्षण आपको दिसंबर के महीने में नजर आए तो वो चिकनगुनिया नहीं हो सकता क्योंकि उस समय ये वायरल नहीं फैलता है। चिकनगुनिया की पहचान के लिए पीसीआर टेस्ट कराया जाता है जिससे कि बीमारी के बारे में पुष्टि की जा सकती है।

suranjit-tripathi (सुरजीत त्रिपाठी, फिजीशियन अपोलो हॉस्पिटल)