यूपी में कांग्रेस को झटका, अखिलेश-माया ने तय किया सीटों का फॉर्मूला

यूपी में कांग्रेस को झटका, अखिलेश-माया ने तय किया सीटों का फॉर्मूला

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव महज कुछ महीने बाद ही है. ऐसे में सभी राजनीतिक दल चुनाव की तैयारियों में जुट गए है. साथ ही अपनी अपनी सियासी जमीन भी तलाशने लगे हैं. इस चुनाव से पहले राहुल गांधी को बड़ा झटका लगा है. दरअसल कथित तौर पर बनने वाले महागठबंधन पर कांग्रेस को यूपी में कुछ अधिक महत्व नहीं दिया गया.

यूपी में कांग्रेस को झटका, अखिलेश-माया ने तय किया सीटों का फॉर्मूला
यूपी में कांग्रेस को झटका, अखिलेश-माया ने तय किया सीटों का फॉर्मूला

 

दिल्ली में हुई मुलाकात 

दरअसल बात यह है कि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती की शुक्रवार को दिल्ली में मुलाकात हुई. बताया जा रहा है कि दोनों के बीच ये मुलाकात तकरीबन घंटे भर चली. नए साल में दोनों के इस पहली मुलाकात को शिष्टाचार के नाते मुलाकात का नाम दिया जा रहा है, लेकिन चर्चा यही है कि दोनों के बीच गठबंधन को लेकर बात हुई है.

35 में सपा तो 36 में बसपा लडेगी चुनाव

इन दोनो नेताओं की मुलाकात मायावती के दिल्ली वाले आवास पर हुई. जानकारी के मुताबिक मुलाकात में यूपी में लोकसभा चुनाव को दोनों नेताओं ने फार्मूला तैयार किया. साथ चुनाव के लिये सीट बंटवारे पर चर्चा भी हुई. दोनों के बीच सीटों के नए फॉर्मूले पर बात हुई है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश की 35 सीटों पर और बहुजन समाजवादीन पार्टी 36 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है.

इन दो सीटों में अपने प्रत्याशी नहीं उतारेगें सपा-बसपा

साथ ही इस फार्मूले में अजीत सिंह की पार्टी राष्ट्रीय लोकदल को भी शामिल किया गया है. अजीत की पार्टी यूपी के 3 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेगी. 4 सीटें रिज़र्व रखने पर सहमति बनी है. वहीं अमेठी और रायबरेली में गठबंधन कोई उम्मीदवार नहीं उतारेगा. बता दें कि अमेठी से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी सांसद हैं और रायबरेली से यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी सांसद हैं. 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस यूपी में सिर्फ यह 2 सीट ही जीतने में कामयाब रही थी.

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बता दें कि उत्तर प्रदेश में लोकसभा की सबसे ज्यादा 80 सीटें हैं. पिछले दिनों हुए लोकसभा और विधानसभा उपचुनाव में सपा-बसपा गठबंधन को मिली जीत को देखते हुए यह तय माना जा रहा था कि दोनों पार्टियां मिलकर चुनाव लड़ेंगी, लेकिन बात अटक रही थी सीट बंटवारे को लेकर. वहीं अगर पिछले लोकसभा चुनाव की बात की जाए तो यूपी में बसपा अपना खाता तक नहीं खोल पाई थी. हालाकि अभी तक इसका कोई आधिकारिक ऐलान नही किया गया है.