राफेल डील को लेकर कांग्रेस पार्टी ने एक ऑडियो क्लिप के सहारे सरकार पर बोला जोरदार हमला

राफेल डील को लेकर कांग्रेस पार्टी ने एक ऑडियो क्लिप के सहारे सरकार पर बोला जोरदार हमला

नई दिल्ली। राफेल डील को लेकर कांग्रेस पार्टी ने एक ऑडियो क्लिप के सहारे सरकार पर जोरदार हमला बोला है। बुधवार को कांग्रेस ने दावा किया कि पूर्व रक्षा मंत्री और मौजूदा सीएम मनोहर पर्रिकर ने राफेल डील के रहस्य पर गोवा के मंत्रिमंडल में कुछ अहम जानकारियां दी थीं, जो उनके ही मंत्री विश्वजीत राणे से की गई बातचीत में कैद हैं। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने अपने इस दावे के सबूत के तौर पर गोवा के स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे की बातचीत की एक ऑडियो क्लिप भी सुनाई। हालांकि कुछ देर बाद ही गोवा के मंत्री विश्वजीत राणे ने दावा किया कि ऑडियो टेप के साथ छेड़छाड़ की गई है।

राणे ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कांग्रेस ने बातचीत को काफी धीमा कर टेप से सीएम और कैबिनेट के बीच बातचीत को लेकर गलत जानकारी देने की कोशिश की है। राणे ने साफ कहा कि पर्रिकर ने कभी भी राफेल या किसी दस्तावेज का जिक्र नहीं किया। उन्होंने आपराधिक जांच कराने की भी बात कही है। इससे पहले कांग्रेस द्वारा जारी ऑडियो में सुनाई देता है, ‘मुख्यमंत्री ने बड़ा महत्वपूर्ण बयान दिया है कि राफेल पर पूरी जानकारी उनके बेडरूम में है।’ इस पर दूसरा व्यक्ति हंस पड़ता है। इतना ही नहीं क्लिप में सुनाई पड़ता है, ‘आप इस बात को किसी से भी क्रॉस चेक करा सकते हैं जो कैबिनेट मीटिंग में शामिल रहा हो। उन्होंने (सीएम) कहा है कि हर एक दस्तावेज उनके कमरे में है।

सुरजेवाला के इस दावे से राफेल मुद्दा एक बार फिर गरम हो गया है। गौर करने वाली बात है कि यह खबर ऐसे समय में आई है जब आज ही सुप्रीम कोर्ट में राफेल मुद्दे पर दिए फैसले पर पुनर्विचार याचिका दाखिल की गई है। कांग्रेस पार्टी ने अपने बयान में कहा, ‘गोवा के मंत्री की बातचीत से साफ है कि पर्रिकर ने कथित तौर पर कहा कि कोई उनका कुछ नहीं कर सकता और राफेल की सारी फाइलें उनके पास हैं। कांग्रेस का दावा है कि राफेल पर हर स्तर पर गड़बड़झाला है, जिसके लिए चौकीदार ही जिम्मेदार हैं। सुरजेवाला ने तंज कसते हुए कहा कि जिस समय चौकीदार ने 10 अप्रैल 2015 को पैरिस में राफेल खरीद की एकतरफा घोषणा की थी, उस समय रक्षा मंत्री पर्रिकर गोवा में मछली खरीद रहे थे। उन्होंने कहा कि चौकीदार के प्रतिनिधिमंडल में रक्षा मंत्री शामिल नहीं थे बल्कि उनके साथ अनिल अंबानी गए थे।