प्रियंका चोपड़ा ने अमेरिका में झेला था नस्लीय भेदभाव

नई दिल्ली| वर्ष 2000 में मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता की विजेता रहीं अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा एक सफल अभिनेत्री और गायिका हैं। वह बॉलीवुड के साथ-साथ हॉलीवुड में भी अपने अभिनय की छाप छोड़ रही हैं। उन्होंने अपनी खूबसूरती और अपने बेहतरीन अभिनय से सभी को अपना कायल बना दिया है।

Priyanka

बॉलीवुड की सबसे अधिक वेतन पाने वाली अभिनेत्रियों की गिनती में शुमार प्रियंका का जन्म 18 जुलाई, 1982 को झारखंड के जमशेदपुर में हुआ था। उनके पिता पंजाब के अंबाला से थे, जबकि उनकी मां झारखंड से थीं। उनके माता-पिता भारतीय सेना में चिकित्सक थे, जिसके चलते उन्हें देश के अलग-अलग राज्यों का रुख करना पड़ा। इसी वजह से प्रियंका को कई स्कूल भी बदलने पड़े।

13 साल की उम्र में वह अमेरिका में अपनी चाची के साथ रहीं, जहां उन्होंने लगभग तीन वर्ष बिताए और इस दौरान वहीं के स्कूल में दाखिला लिया, अमेरिका में उन्हें नस्लीय भेदभाव का सामना भी करना पड़ा।

अमेरिका से तीन साल बाद भारत वापस आईं प्रियंका ने बरेली के आर्मी पब्लिक स्कूल में उच्च विद्यालय की शिक्षा प्राप्त की। प्रियंका अमेरिका में मिस इंडिया प्रतियोगिता की दूसरी विजेता रहीं और उन्होंने मिस इंडिया वल्र्ड के खिताब के लिए प्रवेश किया, जिसमें उन्होंने मिस वल्र्ड का ताज जीता। इस सम्मान को प्राप्त करने वाली वह पांचवीं भारतीय थीं।

प्रियंका अपने पारिवारिक रिश्तों को काफी महत्व देती हैं। वह अपने पिता के बेहद करीब थीं, जिनका निधन 2013 में हुआ। वह एक समय में इंजीनियरिंग या मनोरोग का अध्ययन करने की आकांक्षी थीं।

मिस इंडिया वल्र्ड का खिताब जीतने के बाद प्रियंका ने फिल्म-उद्योग का रुख किया। उन्होंने वर्ष 2002 में तमिल फिल्म ‘थमिजहन’ के साथ अभिनय की शुरुआत की। इसके बाद 2003 में उन्होंने ‘द हीरो’ के साथ बॉलीवुड में अपने अभिनय की छाप छोड़ी।

इस फिल्म में उनके साथ सनी देओल और प्रीति जिंटा नजर आए। इसके बाद उन्होंने एक-के बाद एक हिंदी फिल्मों में काम किया।

प्रियंका ‘थमिजान'(2002), ‘अंदाज'(2003), ‘द हीरो'(2003), ‘मिस इंडिया : द मिस्टरी'(2003), ‘प्लान'(2004), ‘असंभव'(2004), ‘एतराज'(2004), ‘मुझसे शादी करोगी’ (2004), ‘किस्मत'(2004), ‘प्लैकमेल'(2005), ‘ब्लफ मास्टर'(2005), ‘बरसात'(2005), ‘यकीन’ (2005), ‘वक्त'(2005), ‘आप की खातिर'(2006), ‘डॉन’ (2006), ‘कृष'(2006), ’36 चाइना टाउन'(2006), ‘सलाम-ए-इश्क'(2007), ‘किस्मत टॉकीज’ (2007), ‘बिग ब्रदर’, (2007), ‘कुबार्नी'(2007), ‘लंदन ड्रीम्स'(2007), ‘लव स्टोरी 20500′(2007), ‘गॉड तुस्सी ग्रेट हो'(2008), ‘फैशन'(2008), ‘वॉट्स यॉर राशी?'(2008), ‘सात खून माफ’ (2011), ‘बर्फी’ (2012), ‘मेरी कॉम’ (2014), ‘दिल धड़कने दो’ (2015), ‘बाजीराव मस्तानी’ (2015) जैसी फिल्मों में काम कर चुकी हैं।

उन्होंने सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और चार श्रेणियों में फिल्मफेयर पुरस्कार के सहित कई पुरस्कार और नामांकन प्राप्त किए हैं।

फिल्मों में अभिनय के अलावा, वह स्टेज शो में बढ-चढ़ कर भाग लेती रही हैं। वह टेलीविजन रियलिटी शो की भी मेजबानी कर चुकी हैं। भारत के राष्ट्रीय अखबारों के लिए कॉलम भी लिख चुकी हैं। चोपड़ा परोपकारी गतिविधियों के लिए भी जानी जाती हैं। 10 अगस्त, 2010 को उन्हें बाल अधिकार के लिए एक यूनिसेफ के सद्भावना राजदूत के रूप में नियुक्त किया गया था।

बॉलीवुड अभिनेत्री को जल्द ही आगामी हॉलीवुड फिल्म ‘बेवॉच’ में विक्टोरिया लीड्स नाम की खलनायिका के किरदार में देखा जाएगा। इस फिल्म में प्रियंका जैक एफ्रॉन और ड्वेन जॉनसन जैसे कलाकारों के साथ नजर आएंगी।

इससे पहले वह टेलीविजन श्रृंखला ‘क्वांटिको’ का हिस्सा रहीं, जिसके लिए उन्हें सबसे पसंदीदा अभिनेत्री के खिताब से नवाजा गया।

अमेरिका में जहां 13 साल की उम्र में प्रियंका चोपड़ा को नस्लीय टिप्णियों का सामना करना पड़ा था। वहीं हाल ही में अमेरिका में राष्ट्रपति बराक ओबामा ने वाइट हाउस में उनका स्वागत किया, जहां प्रियंका ने वार्षिक वाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर में भाग लिया।

प्रियंका चोपड़ा का प्रेम प्रसंग कभी खुलकर सामने नहीं आया। हाल ही में उन्होंने बताया कि वह कभी किसी के साथ डेट पर नहीं गईं। खैर, उनके जन्मदिन पर हम यही कामना करेंगे कि जल्द ही उन्हें उनके सपनों का राजकुमार मिल जाए।
(आईएएनएस)