व्यापार को आसान बनाने में आंध्र, तेलंगाना शीर्ष पर

नई दिल्ली। बंटवारे के बाद आंध्र प्रदेश और तेलंगाना इस साल ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ (व्यापार करने में आसानी) रैकिंग में संयुक्त रूप से शीर्ष पर आ गए हैं। पूर्वोत्तर के राज्य इस सूची में सबसे नीचे हैं। सोमवार को जारी रिपोर्ट में यह जानकारी मिली। गुजरात, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश व्यापार करने में आसानी वाले राज्यों में शीर्ष 5 में हैं। इस साल शीर्ष के 10 राज्यों में हरियाणा, झारखंड, राजस्थान, उत्तराखंड और महाराष्ट्र भी हैं। विश्व बैंक के साथ मिलकर बनाई गई केंद्र सरकार की रिपोर्ट ‘व्यापार सुधार, 2016 के कार्यान्वयन में राज्यों का आकलन’ में औद्योगिक नीति और संवर्धन विभाग की रैंकिंग में ये दोनों राज्य व्यापार में आसानी के लिए नियमों के कार्यान्वयन में शीर्ष पर रहे हैं।

minister-of-state-for-commerce-industry-nirmala-sitharaman

वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने यहां रिपोर्ट जारी करते हुए कहा, “यह दूसरा साल है जब यह रिपोर्ट जारी की गई है। राज्यों में वास्तव में सुधारों को लागू करने के लिए प्रतिस्पर्धा हो रही है। तेलंगाना पिछले साल 13वें नंबर पर था, इस साल शीर्ष पर है। हरियाणा 14वें पर था जबकि इस साल छठे नंबर पर है। उत्तराखंड बीते साल 23वें नंबर पर था जबकि इस साल 9वें नंबर पर है।” सीतारमण ने कहा, “पिछले साल केवल सात राज्यों ने 340 सुधारों की सूची में से 50 फीसदी से अधिक को लागू किया था। लेकिन, इस साल राज्यों की संख्या बढ़कर 18 हो गई है। पिछले साल एक भी राज्य ने 75 फीसदी सुधार लागू नहीं किए थे, जबकि इस साल 15 से ज्यादा राज्यों ने ऐसा किया है।”

विश्व बैंक के कंट्री डाइरेक्टर जुनैद अहमद ने कहा कि नवीनतम रैंकिंग से पता चलता है कि कम आय वाले राज्यों ने दूसरों से बेहतर प्रदर्शन किया है। अहमद ने कहा, “इस रिपोर्ट का सबक यह है कि कैसे व्यवसाय करने का विकेंद्रीकरण हो रहा है और भारत की आर्थिक ताकत उभर रही है।” पूर्वोत्तर के राज्य लगातार इस सूची में सबसे नीचे चल रहे हैं। सीतारमण ने कहा, “उत्तर-पूर्व, जम्मू एवं कश्मीर और कुछ केंद्रशासित राज्यों को ध्यान देने की जरूरत है।” रिपोर्ट के मुताबिक पूर्वोत्तर राज्यों में त्रिपुरा 16.67 फीसदी सुधार लागू कर सबसे आगे हैं, जबकि राष्ट्रीय सूची में इस साल यह 22वें नंबर पर है। 2015 में य 26वें नंबर पर था।

इसके बाद असम 24वें नंबर पर, नागालैंड 26वें नंबर पर, मणिपुर 28वें नंबर पर, मिजोरम 29वें नंबर पर और सिक्किम 30वें नंबर पर रहा। मेघालय और अरुणाचल प्रदेश सबसे नीचे, 31वें नंबर पर हैं। वहीं, सोमवार को नीति आयोग ने भी एक नया सूचकांक जारी किया जिसमें विभिन्न राज्यों में कृषि विपणन को आसान बनाने के लिए सुधारों के कार्यान्वयन के स्तर को दर्शाया गया है। इस सूचकांक में महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान शीर्ष पर हैं। उड़ीसा सरकार ने इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य को अब व्यापार सुधारों को लागू करने के मामले में ‘नेतृत्वकर्ता’ के तौर पर देखा जा रहा है। भुवनेश्वर में जारी बयान में सरकार ने कहा, “उड़ीसा ने दूसरे राज्यों को रास्ता दिखाया है क्योंकि हमारा स्कोर 40 फीसदी बढ़कर 92.73 फीसदी हो गया है।”उद्योग मंडल फिक्की ने इस रिपोर्ट पर केंद्र सरकार को बधाई दी है। फिक्की के महासचिव ए. दीदार सिंह ने एक बयान में कहा, “इस कवायद से राज्यों में व्यापार में आसानी मुहैया कराने को लेकर संघवाद की प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होगी।”