नकारात्मक वैश्विक संकेतों से गिरा बाजार

मुंबई। पिछले सप्ताह में शेयर बाजारों में गिरावट देखी गई। इसका प्रमुख कारण नकारात्मक वैश्विक संकेत रहे। शुक्रवार को खत्म हुए सप्ताह में सेंसेक्स 387.54 अंकों या 1.38 फीसदी गिरावट के साथ 27,673.60 अंकों पर और निफ्टी 114.20 अंकों या 1.31 फीसदी की गिरावट के साथ 8,583 पर बंद हुए। बीएसई के मिडकैप सूचकांक में 123 अंकों या 0.91 फीसदी की गिरावट देखी गई और यह 13,419 पर बंद हुआ। वहीं, स्मॉलकैप सूचकांक में 45.64 अंकों या 0.35 फीसदी गिरावट आई और यह 13,176.76 पर बंद हुआ।

Sensex

सप्ताह के शुरुआती दिन सोमवार को बाजार में थोड़ी तेजी देखी गई और सेंसेक्स 21.20 अंकों या 0.08 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 28,082.34 पर बंद हुआ। वहीं, मंगलवार को दशहरा और बुधवार को मुर्हरम के कारण बाजार बंद रहे। गुरुवार को बाजार में तेज गिरावट देखी गई और सेंसेक्स 439.23 अंकों या 1.56 फीसदी गिरावट के साथ 27,643.11 पर बंद हुआ। शुक्रवार को थोड़ी तेजी आई और सेंसेक्स 30.49 अंकों या 0.11 फीसदी गिरावट के साथ 27,673 पर बंद हुआ।

सेंसेक्स के तेजी वाले शेयरों में ओएनजीसी (3.31 फीसदी), सिप्ला (2.96 फीसदी), एशियन पेंट्स (1.88 फीसदी), इंफोसिस (1.46 फीसदी), लार्सन एंड टूब्रो (1.21 फीसदी), आईटीसी (0.27 फीसदी), गेल (3.09 फीसदी) रहे।

सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में अडाणी पोर्ट्स (4.72 फीसदी), भारती एयरटेल (4.47 फीसदी), रिलायंस इंडस्ट्रीज (2.86 फीसदी), टीसीएस (0.1 फीसदी), हिन्दुस्तान यूनीलीवर (4.14 फीसदी), स्टेट बैंक ऑफ इंडिया 2.46 फीसदी), एक्सिस बैंक (2.38 फीसदी), एचडीएफसी बैंक (1.29 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (3.49 फीसदी), महिद्रा एंड महिंद्रा (1.22 फीसदी), टाटा मोटर्स (1.81 फीसदी), एचडीएफसी (6.15 फीसदी), डॉ. रेड्डी (0.82 फीसदी) रहे।

आर्थिक मोर्चे पर भारत के औद्योगिक उत्पादन के आंकडों में अगस्त में 0.7 फीसदी की गिरावट रही। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में 13 महीनों के बाद सबसे अधिक गिरावट देखने को मिली और यह सितंबर में 4.31 फीसदी रही। वहीं, थोक मूल्य सूचकांक सितंबर में 3.57 फीसदी रहा जबकि अगस्त में यह 3.74 फीसदी था।