शराब बंदी को लेकर नीतीश का मास्टर प्लान, बुलाई सर्वदलीय बैठक

पटना| बिहार में शराबबंदी के कड़े कानून को विपक्ष द्वारा ‘तालिबानी कानून’ बताए जाने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है, जिसमें उत्पाद अधिनियम, 2016 को लेकर सभी दलों से सुझाव लिया जाएगा। संसदीय कार्य एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने बताया, “विधानसभा पुस्तकालय के वाचनालय में शाम चार बजे मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बैठक होगी। बैठक का मुख्य मुद्दा उत्पाद अधिनियम, 2016 पर सुझाव होगा। बैठक में विधानसभा और विधानपरिषद के सभी दलों के नेताओं को आमंत्रित किया गया है।”

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इससे पहले लोक संवाद के जरिये मुख्यमंत्री शराबबंदी को लेकर कुछ चुनिंदा लोगों की राय जान चुके हैं। बैठक में सभी दल के नेताओं खासकर विपक्ष के नेताओं से मुख्यमंत्री सुझाव लेंगे कि कैसे सख्त कानून में सुधार किया जाए। मुख्यमंत्री पहले ही कह चुके हैं कि शराबबंदी से पीछे हटने का प्रश्न ही नहीं है।

इधर, मुख्य विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता नंद किशोर यादव इस बैठक को लोगों की आंख में धूल झोंकने वाला बता रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोगों में शराबबंदी के सख्त कानून को लेकर आक्रोश बढ़ने के बाद नीतीश कुमार बहाना खोज रहे हैं, जबकि विपक्ष ने पहले ही दोनों सदनों में शराबबंदी का समर्थन किया है।

इधर, जद (यू) के नेता और पूर्व मंत्री श्याम रजक महागठबंधन सरकार का बचाव करते हुए कहते हैं कि विपक्ष शराबबंदी कानून को ‘तालिबानी कानून’ कहता है तो उन्हें उपाय बताना चाहिए। सिर्फ बोलने से तो कोई उपाय नहीं होगा, इसलिए सर्वदलीय बैठक बुलाई गई है।

उल्लेखनीय है कि शराबबंदी कानून को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बैकफुट पर नजर आ रहे हैं। उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग ने पिछले दिनों विज्ञापन निकालकर लोगों से 12 नवंबर तक सुझाव मांगे थे। इसके बाद 14 नवंबर को मुख्यमंत्री ने चुनिंदा लोगों से संवाद कर इस कानून पर चर्चा की थी।